'एक बार भारतीय मान चुके व्यक्ति पर फिर केस नहीं किया जा सकता', गुवाहाटी HC की अहम टिप्पणी
दीसपुर, 06 मई: असम के गुवाहाटी हाई कोर्ट (Gauhati High Court) ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि एक बार भारतीय घोषित होने के बाद, व्यक्ति पर दोबारा मुकदमा नहीं चलाया जा सकता और उसे विदेशी घोषित यानी गैर-भारतीय घोषित नहीं किया जा सकता। यह बात गुवाहाटी हाई कोर्ट की फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल बेंच ने कही। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले से ही भारतीय नागरिक घोषित किए जाने के बाद ट्रिब्यूनल में कई व्यक्तियों पर राष्ट्रीयता के लिए केस चलाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

राष्ट्रीयता से जुड़े एक केस की सुनवाई के दौरान अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एक बार एक ही पक्ष द्वारा एक ही मुद्दे को फिर से खोलने पर रोक लगाने वाला 'रेस ज्यूडिकाटा' का सिद्धांत असम के फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल पर लागू होता है। इसका मतलब है कि केस पहले ही तय हो चुका है और उसे अदालत में फिर से नहीं लाया जा सकता।
पिछले हफ्ते एक फैसले में कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने इसी सिद्धांत का हवाला देते हुए कहा कि एक बार किसी व्यक्ति को विदेशी ट्रिब्यूनल में भारतीय घोषित कर दिया गया है, उसे दूसरी बार ट्रिब्यूनल में नहीं लाया जा सकता है और एक विदेशी घोषित किया जा सकता है।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर 2021 में, गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने एक विदेशी ट्रिब्यूनल द्वारा पारित एक आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें दारांग जिले के निवासी को विदेशी घोषित किया गया था, यह देखते हुए कि उसी ट्रिब्यूनल ने पहले उसे भारतीय नागरिक घोषित किया था। इसने तब भी 'रेस ज्यूडिकाटा' के सिद्धांत का हवाला दिया था।












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