कौन हैं सावजीभाई ढोलकिया, जिन्हें पद्म श्री मिलने पर परिवार ने 50 करोड़ का हेलीकॉप्टर गिफ्ट किया?
सूरत। गुजरात में सूरत के हीरा कारोबारी सवजीभाई ढोलकिया को कौन नहीं जानता होगा? यह वही कारोबारी हैं..जो दिवाली पर बोनस के रूप में 600 कर्मचारियों को कार और 900 कर्मचारियों को एफडी देने पर सराहे गए। इन्हें अपने कर्मचारियों को दिवाली में बतौर गिफ्ट कार, फ्लैट, स्कूटर जैसे उपहार देने के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन समाज-सेवा करने में भी पीछे नहीं रहते। हाल ही सरकार ने इन्हें पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा, तो इनके परिवार ने करोड़ों का तोहफा दिया।
यदि आप इन्हें नहीं जानते तो आइए बताते हैं कि, कौन हैं सवजीभाई ढोलकिया...

सवजीभाई 50 करोड़ रुपये का हेलीकॉप्टर दिया गया
केंद्र सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर सवजीभाई को उनके परिवार ने गिफ्ट स्वरूप 50 करोड़ का हेलीकॉप्टर दिया है। इतना महंगा गिफ्ट मिलने पर सवजीभाई ढोलकिया ने कहा कि, "मुझे नहीं पता था कि मेरे परिवार ने मुझे ऐसा गिफ्ट देने का फैसला किया है। मगर..जो दिया है, यह मेरे स्वभाव से थोड़ा अलग है। फिर भी, मैंने इसे तहे दिल से स्वीकार किया है। परिवार का प्यार सबसे अहम चीज है।'' इसके बाद उन्होंने ऐलान किया कि, अब लोगों को इमरजेंसी में हमारी ओर से हेलीकॉप्टर दिए जाएंगे।

बोले- आमजनों को इमरजेंसी में हेलीकॉप्टर दूंगा
सवजीभाई ने कहा, "मैं हमेशा देने में विश्वास करता हूं। अब मुझे परिवार ने कुछ दिया है, तो इससे कहीं ज्यादा खुश हूं।", वहीं, सवजीभाई के भाई तुलसीभाई ने कहा- "मेरे भाई वर्षों से अपने कर्मचारियों को महंगे दिवाली गिफ्ट देकर चकित कर रहे हैं। हम समाजसेवा भी खूब करते हैं। सौराष्ट्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए वॉटर-रिजर्व कराया। वहां के गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग के लिए भी कई काम किए।"
बताया जा रहा है कि, सवजीभाई को तुलसीभाई और मोटाभाई हिम्मतभाई के साथ-साथ परिवार के 8 बेटों ने सरप्राइज देने की सोची थी..फिर उन्होंने एक साथ पार्टी की और उस पार्टी में सवजीभाई को उपहार के रूप में 50 करोड़ का हेलीकॉप्टर दे दिया।

ऐसे बनाई दुनिया की सबसे बड़ी डायमंड कंपनी
ढोलकिया हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन हैं। ढोलकिया बताते हैं कि उन्हें कारोबार आगे बढ़ाना था, तो कंपनी बनाना और उसकी मार्केटिंग करना भी जरूरी था, जिसके लिए वह मुबई पहुंचे। मुबई में उन्होंने एक बिजनेस सलाहकार की सेवा ली और फिर कंपनी का रजिस्ट्रेशन करवाकर मार्केटिंग का काम शुरू किया। आज श्रीहरि कृष्णा एक्सपोर्ट दुनिया की सबसे बड़ी डायमंड कंपनी मानी जाती है। श्रीहरि कृष्णा एक्सपोर्ट के मालिक सवजी भाई ढोलकिया ही हैं।

पाटीदार समुदाय से हैं ढोलकिया
ढोलकिया मूल रूप से सौराष्ट्र के पाटीदार समुदाय से आते हैं। बताया जाता है कि, उनकी पढ़ाई के दिनों उनकी स्कूल शिक्षा अधूरी रह गई थी। कमाने के लिए, वे सूरत में हीरा कारीगर के रूप में काम करने लगे थे। धीरे-धीरे अपनी खुद की कंपनी बनाकर आज वे दुनिया के बड़े हीरा उद्यमी बन गए। कहा जाता है कि, उनकी हरे कृष्णा डायमंड नाम की कंपनी का कारोबार 1991 में महज 1 करोड़ का था। जो मार्च 2014 तक 2100 करोड़ तक पहुंच गया। फिर उन्होंने डायमंड एक्सपोर्ट का लक्ष्य 2800 करोड़ का रखा, वो भी पूरा कर लिया।

लॉयल एम्पलॉयी को देते हैं खास तोहफा
वर्ष 2011 में 'लॉयल्टी प्रोग्राम-2011' के तहत उन्होंने अपने मेहनती, कुशल व ईमानदार कारीगरों को उपहार देना शुरू किया। 2018 में अपने गोल्डन जुबली अवसर पर कर्मचारियों को बोनस देन के लिए उनकी कंपनी ने 51 करोड़ रुपए खर्च किए। इससे पिछले वर्ष उन्होंने कर्मचारियों को दिवाली बोनस में 491 कारें और 200 फ्लैट दिए थे। बकौल ढोलकिया, "हीरा की कीमत उस पर किए गए काम से निखरती है, इनमें कटिंग, पॉलिस, घिसाई आदि प्रमुख है। जो भी कारीगर इस काम को कुशलता से करता है, उसे हमारे लॉयल एम्पलॉयी के रूप में चुना जाता है।"
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की प्रशंसा
उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, "हमारी कंपनी में करीब 1500 कारीगर और कर्मचारी हैं। इनमें से 600 को कार व 900 को 2018 में बैंक एफडी के प्रपत्र दिए गए।" इसी तरह वह हर साल कर्मचारियों को करोड़ों के उपहार देते रहे हैं। एक बार तो उन्होंने अपने चार कर्मचारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों से तोहफा दिलाया। उनके करीबियों के मुताबिक, ढोलकिया अमरेली जिले के दुधाला गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 13 साल की उम्र में स्कूली शिक्षा छोड़ दी थी और अपने चाचा के डायमंड बिजनेस में हाथ बंटाने लगे थे।












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