Sahdev Singh Gohil कौन है? PAK एजेंट 'अदिति भारद्वाज' को भेजता था BSF-नेवी की ये डिटेल्स, कितने में बिका?
Who is Sahdev Singh Gohil: भारत-पाकिस्तान के बीच भले ही 10 मई से सीजफायर का ऐलान हो चुका हो, लेकिन दुश्मन मुल्क पाकिस्तान के लगातार नापाक इरादे सामने आ रहे हैं। एक के बाद एक पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध जासूसों की गिरफ्तारी भी भारत में जारी है। उधर, पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का इस बयान- 'तुम हमारा पानी रोकोगे, तो सांसे रोक देंग', से पाकिस्तान का काला चेहरा जरूर सामने आता है।
इस बीच, एक बड़ी खबर सामने आई- गुजरात एटीएस ने कच्छ सीमा से एक हेल्थ वर्कर को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान की एजेंसी को BSF और इंडियन नेवी की गुप्त जानकारियां भेज रहा था। इस जासूस का नाम है - सहदेव सिंह गोहिल। आइए जानते हैं कौन है ये जासूस और कितने में पैसों के लिए भारत की गुप्त जानकारियां बेचने को हुआ तैयार?

Who is Sahdev Singh Gohil: कौन है सहदेव सिंह गोहिल?
- पेशे से हेल्थ वर्कर
- गुजरात के कच्छ जिले के सीमावर्ती क्षेत्र का निवासी
- 2023 से पाक एजेंट के संपर्क में
- पैसे लेकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ी सूचनाएं लीक कर रहा था
कैसे हुआ पाकिस्तान से संपर्क?
2023 के जून-जुलाई में 'अदिति भारद्वाज' नाम की एक महिला पाकिस्तानी एजेंट ने सहदेव सिंह से संपर्क साधा। वह WhatsApp चैटिंग और कॉलिंग के जरिए लगातार संपर्क में रही। जनवरी 2025 में सहदेव ने अपने नाम से एक भारतीय सिम कार्ड लिया और फरवरी में उसका OTP पाक एजेंट को भेजकर सिम की एक्सेस पाकिस्तान को दे दी। इसके बाद WhatsApp कॉलिंग और चैटिंग के जरिए संवेदनशील जानकारियों का आदान-प्रदान शुरू हुआ।
क्या भेजा गया पाकिस्तान को?
- BSF और इंडियन नेवी की तैनाती और मूवमेंट की जानकारी
- सीमा क्षेत्र की फोटोज और लोकेशन डिटेल्स
- गुप्त प्लानिंग और सामरिक गतिविधियों की इनसाइड डिटेल
- कुल मिलाकर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम सूचनाएं लीक की गईं
ये सभी जानकारियां भारत के लिए अत्यंत संवेदनशील मानी जाती हैं - और यही डेटा पाकिस्तान जैसे दुश्मन देश को सौंपा गया।
Who is Aditi Bhardwaj: 'अदिति भारद्वाज' कौन है?
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की एजेंट 'अदिति भारद्वाज' ने 2023 के मध्य में सहदेव से संपर्क किया। सहदेव ने जनवरी 2025 में खुद के आधार कार्ड से भारतीय सिम कार्ड लिया, और फरवरी में उसका OTP अदिति को भेजकर पूरी सिम की कंट्रोल पाकिस्तान को सौंप दी। इसके बाद WhatsApp कॉलिंग और चैटिंग के जरिए जानकारी भेजने का सिलसिला शुरू हुआ।
पैसे के बदले बन गया देशद्रोह, बेचता रहा गुप्त जानकारी
ATS के मुताबिक, सहदेव सिंह को जासूसी के बदले ₹40,000 तक की रकम मिल चुकी थी। वह एक कॉन्ट्रैक्चुअल एजेंट की तरह काम कर रहा था - यानी मौके के हिसाब से पैसा लेकर सूचनाएं देता था।अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि उसने किसी और को भी इस नेटवर्क में शामिल किया था या नहीं।
एक पाकिस्तानी घुसपैठिया ढेर!
आपको बता दें कि 23 मई की रात, बीएसएफ जवानों ने गुजरात के बनासकांठा जिले में भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया। बीएसएफ जवानों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके सीमा बाड़ की ओर बढ़ते देखा। उन्होंने घुसपैठिए को चुनौती दी, लेकिन वह आगे बढ़ता रहा, जिससे जवानों ने गोलियां चला दीं। घुसपैठिए को मौके पर ही मार गिराया गया।
अब क्या हो रहा है?
- उसका मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस FSL भेज दिए गए हैं
- चैट हिस्ट्री, मीडिया फाइल्स और कॉल डिटेल्स की जांच हो रही है
- फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और बैंक अकाउंट की भी पड़ताल की जा रही है
- ATS को शक है कि ये कोई एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि एक पूरे नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है
इस केस से क्या साफ होता है?
- पाकिस्तान अब सिर्फ पारंपरिक जासूसी नहीं, बल्कि डिजिटल नेटवर्क के जरिए भारतीय नागरिकों को टारगेट कर रहा है
- छोटे शहरों और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग आसान शिकार बन रहे हैं
- WhatsApp और OTP के जरिए सिम कार्ड तक की डिजिटल एक्सेस ट्रांसफर की जा रही है।












Click it and Unblock the Notifications