आठ माह की गर्भवती अर्चना जोशी रोज हॉस्पिटल में ड्यूटी दे रहीं, कहती हैं- जब तक दम है, सेवा करती रहूंगी
वडोदरा। गुजरात के वडोदरा में भी कोरोना वॉरियर्स से जुड़े अनेक किस्से सामने आ रहे हैं। यहां की एक नर्स के जज्बे को आप सलाम कर सकते हैं। आठ माह की गर्भवती वह नर्स अपनी ड्यूटी पर तैनात है। वह कहती है- 'जब तक दम है, मैं मरीजों की सेवा करती रहूंगी।'
यह कहानी है गोत्री हॉस्पिटल में 4 साल से काम कर रही अर्चना जोशी की। इंटरनेशनल नर्सिंग डे के मौके पर उन्होंने कहा कि सेवा करना हमारा धर्म है। मेरी तरह कई नर्सें अपनी तकलीफ छोड़कर लोगों की सेवा में लगी हुई हैं। क्योंकि, इस मुश्किल समय में नर्सिंग स्टॉफ की बहुत आवश्यकता है।

अर्चना जोशी आगे बोलीं- 'गर्भवती होने के बावजूद मैंने ड्यूटी पर हाजिर रहने का संकल्प लिया है। यहां अच्छी बात ये है कि जो नर्सें गर्भवती होती हैं, उन्हें कोरोना वार्ड में ड्यूटी नहीं दी जाती। इसके बाद भी हममें से कोई भी कोरोना से संक्रमित हो सकता है। इसका डर तो हमें रहता ही है। मैं सावधानी से अपनी (और आने वाले बच्चे के लिए) देखभाल करती हूं।'
बकौल अर्चना, 'मैं सेनेटाइजर साथ रखती हूं और हर कदम पर सावधानी बरतती हूं। ये ऐसी जॉब है जिसे मर्जी से स्वीकारा है, तो हमें ही हर बात का ध्यान रखना होगा। हमें इस समय लिफ्ट के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। किंतु गर्भावस्था में मुझसे सीढ़ियां चढ़ना नहीं होता तो टीशू पेपर साथ रखकर लिफ्ट का इस्तेमाल करती हूं। लिफ्ट का हेंडल इस्तेमाल करने के लिए हाथ में टिशू पेपर रखती हूं। बाहर निकलते ही हाथों को सेनेटाइजर करती हूं।'
अर्चना ने बताया कि, हमारा घर अस्पताल के परिसर में ही है, इसलिए आने-जाने के पहले नहाने-खाने आदि काम में भी सतर्कता बरतती हूं। डॉक्टर्स और मेल नर्स का व्यवहार हमारे और मरीजों के प्रति बहुत ही अच्छा है। इस काम को करते हुए मुझे गर्व है।












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