Sangitaben Rajendra Patil कौन हैं, जो गुजरात की पटेल सरकार में बन सकती हैं मंत्री? रेस में सबसे आगे क्यों?
Gujarat Cabinet Expansion 2025: गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। गुरुवार (16 अक्टूबर 2025) को CM भूपेंद्र पटेल सहित सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम BJP के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति का हिस्सा है, जो 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को तरोताजा करने का प्रयास है। शुक्रवार (17 अक्टूबर) को सुबह 11:30 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण होगा।
इसमें महिलाओं में संगीता पाटिल (संगीताबेन राजेंद्र पाटिल), रिवाबा जडेजा, और दर्शिता शाह रेस में हैं। खासकर संगीता पाटिल, जो सूरत की 3 बार विधायक हैं, मंत्री बनने की प्रबल दावेदार हैं। आइए, जानते हैं संगीता पाटिल कौन हैं, क्यों रेस में आगे हैं, उनकी संपत्ति, पति, और लव स्टोरी का पूरा इतिहास...

Who Is Sangitaben Rajendra Patil: संगीता पाटिल कौन हैं? BJP की सूरत की ताकतवर MLA
- संगीता राजेंद्र पाटिल (जन्म: 12 अगस्त 1976, उम्र: 49 वर्ष) गुजरात की प्रमुख BJP नेता और सूरत जिले के लिंबायत विधानसभा क्षेत्र से 3 बार विधायक हैं। वे BJP की महिला विंग की सक्रिय सदस्य हैं और सूरत के महाराष्ट्रीयन समुदाय की प्रतिनिधि मानी जाती हैं। संगीता का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव जिले के पचोरा तहसील के सर्वे गांव में एक साधारण परिवार में हुआ था। उनके पिता एक पुलिसकर्मी थे, और परिवार में 6 बच्चे थे - 4 बेटियां और 2 बेटे। संगीता सबसे बड़ी बेटी हैं।
- शिक्षा (Sangitaben Rajendra Patil Education): 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई महाराष्ट्र में ही हुई। 2018 में उन्होंने नासिक के यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय (YCMOU) से BA की डिग्री हासिल की।
- राजनीतिक सफर (Sangitaben Rajendra Patil Political Career): संगीता ने 2000 के दशक में BJP जॉइन की। शुरुआत में महिलाओं के सामाजिक समूहों में सक्रिय रहीं। 2012 में पहली बार लिंबायत से BJP टिकट पर चुनाव लड़ीं और कांग्रेस के सुरेश सोनावाले को 30,321 वोटों से हराया। 2017 में सीट बरकरार रखी। 2022 में तीसरी जीत हासिल कर हैट्रिक पूरी की - AAP के पंकज तायडे को 58,009 वोटों से हराया (95,696 वोट हासिल)। उनकी जीत का राज सूरत के महाराष्ट्रीयन और पाटीदार वोट बैंक पर मजबूत पकड़ है।
- मुख्य मुद्दे: संगीता ने लिंबायत में 'अशांत क्षेत्र अधिनियम' (Disturbed Areas Act) लागू करने की मांग की है, जो संपत्ति बिक्री पर नियंत्रण रखता है। वे सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, और स्थानीय विकास पर फोकस करती हैं। 2022 चुनाव में उन्होंने मेंहदी लगाकर और महाराष्ट्रीयन परिधान पहनकर जीत मनाई, जो उनकी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है।
संगीता की छवि एक मेहनती और जमीनी नेता की है। वे BJP के संगठनात्मक कामों में सक्रिय हैं और सूरत में पार्टी की महिला ब्रिगेड की कमान संभालती हैं।

Why Sangitaben Rajendra Patil Become Miniter: क्यों रेस में आगे? BJP की रणनीति का हिस्सा
संगीता पाटिल मंत्री बनने की प्रबल दावेदार हैं, क्योंकि BJP महिलाओं को बढ़ावा देने और सूरत जैसे औद्योगिक क्षेत्र को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्य कारण:-
- महिला प्रतिनिधित्व: BJP ने 2022 चुनाव में 30 महिलाओं को टिकट दिया था, और अब कैबिनेट में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है। संगीता की हैट्रिक जीत और BJP महिला मोर्चा में सक्रियता उन्हें फायदा देगी।
- सूरत का प्रतिनिधित्व: लिंबायत सूरत का हिस्सा है, जो गुजरात का आर्थिक केंद्र है। BJP सूरत के महाराष्ट्रीयन (मराठी) समुदाय को साधना चाहती है, और संगीता इस समुदाय की ब्रिज हैं।
- Sangitaben Rajendra Patil Criminal Case-कितने क्रिमिनल केस?: उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। हालांकि, 2018 में BA तीसरे वर्ष की परीक्षा में 'डमी उम्मीदवार' इस्तेमाल करने का आरोप लगा था (जिसका उन्होंने खंडन किया और मानहानि का मुकदमा दायर किया), लेकिन यह साबित नहीं हुआ।
- 2027 चुनावी रणनीति: BJP AAP और कांग्रेस की चुनौती से निपटने के लिए नए चेहरों पर दांव लगा रही है। संगीता की लोकप्रियता सूरत में पार्टी को मजबूत करेगी।
अन्य महिलाओं - रिवाबा जडेजा (क्रिकेटर जडेजा की पत्नी, जामनगर से), और दर्शिता शाह (युवा नेता) - के साथ संगीता रेस में हैं। BJP का लक्ष्य 3-4 महिलाओं को कैबिनेट में जगह देना है।

Sangitaben Rajendra Patil Net Worth: संपत्ति का ब्योरा: ₹2.10 करोड़ की मालकिन
2022 के हलफनामे के अनुसार, संगीता पाटिल की कुल संपत्ति ₹2.10 करोड़ है। इसमें चल-अचल संपत्ति शामिल है।
- चल संपत्ति: ₹1.50 करोड़ (नकदी, जेवर, निवेश)।
- अचल संपत्ति: ₹60 लाख (सूरत में घर और जमीन)।
- देनदारियां: ₹43 लाख (लोन और दायित्व)।
- आय स्रोत: विधायक भत्ता, BJP से जुड़े कार्य, और पति के व्यवसाय से आय।
संगीता की संपत्ति में कोई विवाद नहीं है। वे सादगीपूर्ण जीवन जीती हैं, लेकिन सूरत के विकास पर फोकस करती हैं।
Sangitaben Rajendra Patil Love Story: 1995 की शादी, महाराष्ट्रीयन परिवार में विलय
संगीता पाटिल का विवाह 1995 में राजेंद्र कुमार बाबूराव पाटिल से हुआ था। राजेंद्र एक सफल व्यवसायी हैं, जो साड़ी और टेक्सटाइल व्यापार से जुड़े हैं। यह शादी महाराष्ट्र के जलगांव और गुजरात के सूरत के बीच एक पुल बनी। संगीता की शादी एक पारंपरिक रिश्ते के जरिए हुई थी। महाराष्ट्र के धुले जिले से ताल्लुक रखने वाले राजेंद्र का परिवार 1950 के दशक में सूरत शिफ्ट हो गया था। संगीता की शादी के समय राजेंद्र का साड़ी व्यवसाय चल रहा था। शादी के बाद संगीता ने सूरत में बसकर स्थानीय मराठी न्यूज चैनल में एंकरिंग शुरू की। यह उनकी पहली नौकरी थी, जो उन्हें राजनीति से जोड़ने का माध्यम बनी।

Sangitaben Rajendra Patil Kids: कितने हैं बच्चे?
राजेंद्र ने संगीता को हमेशा समर्थन दिया। उनकी साड़ी बिजनेस ने संगीता को महिलाओं के सामाजिक समूहों से जोड़ा, जहां से वे BJP में सक्रिय हुईं। दंपति के 2 बच्चे हैं। संगीता अक्सर कहती हैं, 'मेरी महाराष्ट्रीयन जड़ें और गुजराती जीवन ने मुझे मजबूत बनाया।' 2022 की जीत के बाद उन्होंने महाराष्ट्रीयन परिधान में जश्न मनाया, जो उनकी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
संगीता की मंत्री बनने की संभावना
संगीता पाटिल की हैट्रिक जीत, साफ छवि, और सूरत की पकड़ उन्हें मंत्री पद का मजबूत दावेदार बनाती है। BJP का यह विस्तार 2027 चुनाव की तैयारी है, जो AAP की चुनौती से निपटेगा। क्या संगीता कैबिनेट में एंट्री लेंगी? शुक्रवार का शपथ ग्रहण बताएगा।
(स्रोत: Wikipedia, Indian Express, MyNeta)
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