सरकारी आदेश: इस साल न गरबा, न दशहरा-मेले, नवरात्रि-दिवाली जैसे त्यौहार घर में ही मनेंगे, भंडारे भी नहीं होंगे
गांधीनगर। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से पहले गुजरात सरकार ने राज्यवासियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गाइडलाइन में स्पष्ट कर दिया गया है कि इस बार गुजरात में कहीं भी गरबा का आयोजन नहीं होगा। कोरोना महामारी के कारण सार्वजनिक स्थानों पर 200 से अधिक लोगों के एकत्र होने की अनुमति नहीं होगी।

गलियों में भी गरबे के आयोजन नहीं होंगे
इस बार मैदानों में दशहरे के मेले भी नहीं लगने दिए जाएंगे। हां, लोग नवरात्र में मूर्ति स्थापना कर सकते हैं, लेकिन प्रसाद वितरण नहीं होगा। गुजरात में यह सब कोरोना महामारी के मद्देनजर, सरकारी गाइडलाइंस में कहा गया है। यदि आदेशों को नजर अंदाज करके कोई मैदानों के अलावा मोहल्ले या गलियों में भी गरबे के आयोजन कराएगा, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मेला-दशहरा, रामलीला, शोभायात्रा पर प्रतिबंध
राज्य सरकार के इस तरह दिशा निर्देश जारी करने के बाद अब गुजरात में गरबा आयोजन को लेकर पिछले काफी दिनों से चले रहे कयासों पर आखिरकार आज विराम लग गया है। काफी लोग गरबा के आयोजनों की स्वीकृति चाहते थे, जबकि डॉक्टर्स व विशेषज्ञों का कहना था कि सरकार ऐसे बड़े आयोजनों की अनुमति न दे। जिसके उपरांत सरकार ने अब कहा है कि, इस साल की नवरात्रि के आयोजनों पिछले आयोजनों के मुकाबले अंतर होगा। मेला, दशहरा, रामलीला और किसी भी तरह की शोभायात्रा पर प्रतिबंध रहेगा।

पूजा-आरती की जा सकेंगी
हालांकि, घर से मनने वाले त्योहारों के आयोजन पर किसी तरह का बैन नहीं है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मूर्ति की स्थापना की जा सकेगी, हां प्रसादी वितरण और भंडारे नहीं होने दिए जाएंगे। मूर्ति की पूजा-आरती की जा सकेगी, लेकिन अनलॉक के नियमों के अनुसार ही। कोई भी आने वाला त्योहार आपको अपने घर में ही मनाना होगा।












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