बारिश से गुजरात में नदी-नाले उफान पर, बांध भरे, यहां किसान अब संतुष्ट, खरीफ की 90% बुवाई पूरी
गांधीनगर/सिलवासा। गुजरात, महाराष्ट्र एवं दमन-दीव प्रदेशों में मानसूनी बारिश ने इस बार रिकॉर्ड तोड दिए। अगस्त महीने से पहले ही इन तीनों प्रदेशों में औसत से ज्यादा बारिश हुई। गुजरात के 100 से ज्यादा बांध पानी से आधे से ज्यादा भर चुके हैं। वहीं, निचले क्षेत्रों में बह रही नदियां भी उफान पर हैं। पानी से नाले और नालियां लबालब दिखाई दे रहे हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर जलभराव के चलते बाढ़ आई हुई है। इसी के साथ किसान भी संतुष्ट हो गए हैं। बल्कि कुछ जिलों में तो किसान यह चाहते हैं बारिश थम जाए। क्योंकि, उनके खेतों में बुवाई हो चुकी है।
Recommended Video

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव केन्द्र-शासित प्रदेश की बात करें तो यहां सावन आरम्भ होते ही खेत-खलिहान हरियाली से भरे-पूरे नजर आने लगे हैं। खरीफ की फसलों की बुवाई और धान की रोपाई लगभग पूरी हो गई है। अभी पर्वतीय क्षेत्रों में कुछ खेतों में किसान पौध-रोपण में लगे हैं। इसके अतिरिक्त मैदानी क्षेत्र रखोली, सायली, दपाड़ा, नरोली, आंबोली में धान की रोपाई लगभग 90% पूरी हो चुकी है।

कृषि विभाग के अनुसार, मानसूनी बारिश के चलते मैदानी क्षेत्र दादरा, नरोली, मसाट, रखोली, सामरवरणी, आंबोली-दपाड़ा के गांवों में धान और दलहन की खेती में आसानी हो गई है। दरअसल, यहां जून में मानसून की पहली बारिश होते ही किसानों ने धान के बीज बो दिए थे। उसके बाद पौध लगाई जाने लगी। अब प्रदेशभर के खेत हरे-भरे दिख रहे हैं।

यहां 1300 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई
सिलवासा स्थित बाढ़ नियंत्रण केन्द्र ने सिलवासा में 1000 व खानवेल में 1300 मिमी बारिश रिकॉर्ड की है। बताया गया है कि, बारिश सप्ताहभर से जारी है। जिसकी वजह से सोसायटी, बाजार व सड़कों पर पानी जमा है। वहीं, सब्जी मार्केट, बाविसा फलिया, चानद देवी, डोकमर्डी, दयात फलिया में जलभराव दिख रहा है। दमणगंगा नदी किनारे जल-जमाव से डेंगू, पीलिया, ज्वर, टाइफाइड आदि वायरल रोगों का डर पनपने लगा है।












Click it and Unblock the Notifications