MAHASHIVRATRI 2021: गुजरात में ऐसे मनाई जा रही महाशिवरात्रि, जगह-जगह रुद्राभिषेक अनुष्ठान
सूरत। आज महाशिवरात्रि है। यह पर्व शिवजी और पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है। दुनियाभर में शिवभक्तों के बीच आज हर्षोल्लास का वक्त है। गुजरात की बात की जाए तो यहां सूरत समेत दक्षिण गुजरात के हिस्सों में भक्तों के बीच खूब उत्साह देखने को मिल रहा है। सरकार ने कोविड गाइडलाइंस जारी की हुई हैं। कई शहरों में लोग उन्हें फॉलो करते हुए ही उत्सव मना रहे हैं। शिवालयों में आज सुबह से देर रात तक भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की श्रद्धा, भक्ति व आस्था की त्रिवेणी बहती नजर आएगी।

Recommended Video
सूरत महानगर पालिका द्वारा कहा गया है कि, भगवान शिव के पर्व के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन भी अच्छे से किया जाए। इसके लिए खासकर शिवालय, मंदिर, आश्रम व मठों में इंतजाम किए गए हैं। इससे पहले बुधवार रात को शहर के प्रमुख शिवालयों में बाबा भोलेनाथ का विशेष शृंगार किया गया, वहीं, शिवालय रात में रोशनी से झिलमिल करते रहे। सूरत स्थित कतारगांव के कंतारेश्वर महादेव मंदिर, रुंढ गांव के रुंढऩाथ महादेव मंदिर, पाल रोड पर अटल आश्रम के अलावा ओलपाड में सिद्धनाथ महादेव मंदिर, अठवालाइंस के इच्छानाथ महादेव मंदिर, उमरा गांव के रामनाथ घेला, वराछा के कर्मनाथ महादेव मंदिर, बारडोली के निकट गलतेश्वर महादेव मंदिर में आज खासा भीड़ उमड़ रही है।
महाशिवरात्रि पर्व के चलते आज तड़के से ही श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक समेत अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं। वहीं, कई स्थलों पर चार प्रहर की पूजा शुक्रवार तड़के तक चलेगी। सूरत के उधना मुख्य मार्ग पर श्रीदक्षिणाभिमुखी शनि-हनुमान मंदिर आश्रम प्रांगण में महाशिवरात्रि महापर्व स्वामी विजयानंद महाराज की अगुवाई में पर्व मन रहा है। उनकी ओर से बताया गया कि, 24 घंटे का रुद्राभिषेक अनुष्ठान गुरुवार तड़के पांच बजे से प्रारम्भ हुआ है।

श्रद्धालु अभी नर्मदेश्वर महादेव के दर्शन, पूजन, अभिषेक आदि के आयोजन में भी हिस्सा ले रहे हैं। उधर, महा शिवरात्रि महापर्व के अवसर पर गुजरात में राजस्थान जाट समाज की ओर से भी कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
ऐसे करें शिव पूजा
इस बार महाशिवरात्रि पर्व 111 साल बाद अंगारक योग में है। शिव पूजा के लिए आप शिव मंदिर जाएं। तांबे के लोटे में गंगाजल चढ़ाएं। जल में गंगाजल, चावल, सफेद चंदन मिलाकर शिवलिंग पर ऊँ नम: शिवाय मंत्र बोलते हुए अर्पित करें।
तांबे के लोटे से जल चढ़ाने के बाद शिवलिंग पर चावल, बिल्वपत्र, सफेद वस्त्र, जनेऊ और मिठाई के साथ ही शमी के पत्ते भी चढ़ाएं।

शमी पत्ते चढ़ाते समय मंत्र बोलें-
अमंगलानां च शमनीं शमनीं दुष्कृतस्य च।
दु:स्वप्रनाशिनीं धन्यां प्रपद्येहं शमीं शुभाम्।।
शमी पत्र चढ़ाने के बाद शिवजी की धूप, दीप और कर्पूर से आरती कर प्रसाद ग्रहण करें। जरूरतमंद लोगों को धन, दूध, वस्त्र और अनाज दान कर सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications