लंपी वायरस से गुजरात में कोहराम, बनासकांठा के 961 गांवों में फैला, 845 पशुओं ने तोड़ा दम
बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात के ज्यादातर जिलों में लंपी वायरस फैल चुका है। सबसे ज्यादा कहर यहां बनासकांठा जिले में देखने को मिल रहा है, जहां जिलेभर के 14 तालुका लंपी वायरस की चपेट में है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, लंपी वायरस बनासकांठा के 961 गांवों में फैल चुका है। हजारों पशु लंपी वायरस से ग्रस्त हो गए हैं। मंगलवार को नए 165 पशुओं पर इस बीमारी का असर देखने को मिला है, जबकि 4 पशुओं की मौत हो गई है।

बनासकांठा जिले के 961 गांवों में कोहराम
गुजरात के इस एक ही जिले में अभी तक कुल 37 हजार 351 पशु गांठदार त्वचा रोग की चपेट में आ चुके हैं, जबकि अभी तक कुल 845 पशुओं की मौत हो गई है। चिकित्सकों ने बताया कि, जिले में कुल 961 गांवों के पशुओं में लंपी वायरस का कहर देखने को मिल रहा है।

लंपी वायरस का प्रकोप
स्थानीय पशुपालकों ने कहा कि, उनके यहां लम्पी वायरस इस कदर फैल चुका है कि पशु एक के बाद एक मरते जा रहे हैं। इस वायरस से दुधारू पशुओं खासकर गायों की जान जा रही है। बीते महीनेभर में हजारों गाएं अकाल मौत मर चुकी हैं। अकेले बनासकांठा में ही बहुत-सी गायें गांठदार त्वचा रोग ने तड़पा-तड़पाकर मार डालीं। सरकार कहीं वैक्सीन लगवा भी रही है, हालांकि, अधिकतर स्थानों पर पशुपालक सरकारी प्रयासों को नाकाफी बता रहे हैं। कई जिलों में तो नगर निगम की टीमें बस मारे गए पशुओं की लाशें उठवाने ही पहुंची।

पशुपालक सिर्फ भगवान भरोसे
सोमनाथ में सोमपुरा ब्रह्म समाज की एक महिला ने कहा, 'लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप इस कदर फैल रहा है कि सभी पशुपालक बेबस हैं। सरकार से उन्हें वो मदद नहीं मिली, जो मिलनी चाहिए थी। अब गौ-भक्त अपने-अपने तरीके से रोग से निपटने में जुटे हैं।'
गौवंश के इस कदर दम तोड़ने की घटनाओं से पशुपालकों का दिल दहल उठा है। पशुपालकों में कोहराम मचा हुआ है। कुछ जगहों पर असहाय पशुपालक अब सिर्फ भगवान भरोसे हैं।












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