भारत में पहली बार यहां शुरू हुई सौर ऊर्जा वाली शिप सुविधा, दूरी घटी, बचेगा पेट्रोल-डीजल
सूरत। सी-प्लेन की सुविधा के बाद गुजरात में ट्रांसपोर्ट की एक और सुविधा 'रोपैक्स फेरी सर्विस' लोगों को मिल गई। ऐसा देश में पहली बार, सूरत के हजीरा बंदरगाह से भावनगर के घोघा बंदरगाह के बीच हुआ, जब सौर ऊर्जा से चलने वाली शिप-सर्विस चलने लगी। इसके कई फायदे हैं। पहली बात तो यह कि इस सर्विस के कारण गुजरात में 370 KM की दूरी सिमटकर 90KM हो गई है। यह शिप-सर्विस समुद्र में सिर्फ 3 घंटे में 54 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। सब कुछ सौरउूर्जा से संचालित होगा, तो पेट्रोल-डीजल भी बचेगा।

गुजरात: देश की पहली रोपैक्स फेरी सर्विस का संचालन
इंडिगो सीएज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि, उनकी वॉयेज एक्सप्रेस यात्रियों सहित ट्रक, कार व बाइक आदि सामान ले जाने वाली कॉमर्शियल सेवा भी शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि, सौर ऊर्जा से चलने वाली यह देश की पहली रोपैक्स फेरी सर्विस है, जो सिर्फ 3 घंटे में 54 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। यह समुद्री सर्विस है, जिसके कारण लोगों को सैकड़ों किलोमीटर का रास्ता तय करने का झंझट नहीं रह जाएगा। दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र को समुद्र से जोड़ने वाली रोपैक्स फेरी सर्विस का यह एक बड़ा फायदा होगा। इसके अलावा, खास बात यह है कि ये बिना पेट्रोल-डीजल वाली सेवा है।

600 यात्रियों के साथ ट्रक, कार-बाइक भी ले जाई जा सकेंगी
बता दें कि, रोपैक्स फेरी सर्विस सूरत के हजीरा से घोघा को जोड़ती है। 2020 में इसका ट्रायल किया गया था। मोदी ने इसे लॉन्च किया। उसके बाद तकनीकी व आर्थिक कारणों से इसमें बाधा आ गई। अब लंबे समय बाद, बीते बुधवार को ट्रायल के तहत वॉयेज एक्सप्रेस ट्रकों को लेकर सूरत के घोघा से हजीरा पहुंची। इस के शिप के जरिए 600 यात्रियों के साथ ट्रक, कार, बाइक भी ले जा सकेंगे।

दिन में दो बार हजीरा-घोघा का सफर कर सकेंगे लोग
इंडिगो सीयेज प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी चेतन कांट्रेक्टर ने कहा कि, रो-रो पैक्स फेरी दिन में दो बार हजीरा-घोघा का सफर कराएगी। चूंकि, अब हजीरा टर्मिनल से इसे फिर से शुरू किया गया है, तो यह सुविधा शुरू होने से यात्रियों के पास अब दिन में दो बार हजीरा-घोघा और घोघा-हजीरा के बीच यात्रा करने का विकल्प होगा। अधिकारियों का कहना है कि, कंपनी की अब दो रोपैक्स नौका सेवाएं हो गई हैं। एक वॉयेज सिंफनी और दूसरी वॉयेज एक्सप्रेस।

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किराया कितना होगा?
इस सुविधा का लाभ लेने वालों के लिए कई ऑप्शन दिए गए हैं। सिंफनी में 316 एग्जिक्यूटिव सीटें, किराया भी तय किया गया है। वॉयेज सिंफनी में 316 एग्जिक्यूटिव सीटें, 78 बिजनेस, 14 वीआईपी लाउंज हैं। और, 85 कार, 50 बाइक, 30 ट्रक ले जाने की क्षमता है। एग्जिक्यूटिव सीट के लिए 800 रुपए चुकाने होंगे, उसी तरह बिजनेस क्लॉस के लिए-1000 रुपए, स्लीपर-1250 रुपए, वीआईपी लाउंज-2200 रुपए और केबिन का किराया 8500 रुपए हैं। इसी तरह ट्रक का किराया 9000 रुपए चुकाना होगा, कार- 1700, बाइक समेत-250 रुपए देने होंगे।
जलमार्ग की सुविधाओं से घटेंगी दूरियां, खर्च भी कम होगा
सूरत के हजीरा बंदरगाह से भावनगर के घोघा बंदरगाह के बीच रो-रो पैक्स फेरी शुरू पर पीपावाव से सूरत, सूरत से दीव तथा मुंबई से पीपावाव तक के जलमार्ग को भी इससे जोड़े जाने की योजना है। केंद्र व राज्य सरकार गुजरात के समुद्र तट को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ने की योजना पर भी काम कर रही है। इस बारे में केंद्रीय जहाजरानी राज्यमंत्री बताया था कि, सौराष्ट्र को दक्षिण गुजरात तथा मुंबई से जोड़कर व्यापार व निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। दरअसल, सड़क मार्ग में ईंधन की खपत अधिक होती है तथा परिवहन में समय भी अधिक लगता है। इसलिए जलमार्ग की अधिक से अधिक संभावनाओं को खोज कर उसकी सुविधाओं को शुरु करने का प्रयास किया जा रहा है।

रो-पैक्स फेरी की सुविधाएं
- रो-पैक्स फेरी वीसल 'वोयेज सिम्फनी' एक 3 मंजिला जहाज है।
- इसमें पार्किंग सबस्टेशन, वाटर टॉवर और प्रशासनिक कार्यालय जैसी सुविधा भी है।
- यह जलमार्गों के उपयोग कर देश के आर्थिक विकास के साथ एकीकृत करने का काम करेगी।
- हजीरा-घोघा रो-पैक्स फेरी सेवा क्षिणी गुजरात और सौराष्ट्र क्षेत्र के द्वार के रूप में काम करेगा।
-कार्गो ढुलाई की अवधि 10-12 घंटे से घटकर 3 घंटे होने से ईंधन की बचत होगी।
- इसके अलावा वाहनों के रख-रखाव में भी कमी आएगी।












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