कांग्रेस छोड़ने के बाद अब किस पार्टी में जाएंगे हार्दिक पटेल, अपनी चिट्ठी में दिए बड़े संकेत
अहमदाबाद, 18 मई। गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव है। लेकिन चुनाव से ठीक पहले पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। गुजरात में दिग्गज पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया है। हाल ही में पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था और पार्टी को पंजाब जैसे अहम प्रदेश से हाथ तक धोना पड़ा था। पंजाब में भी पार्टी को अंदरूनी कलह के चलते शर्मनाक हार का मुंह देखना पड़ा था। लेकिन पार्टी पंजाब से सबक लेने के मूड में नहीं दिख रही है।
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पाटीदार नेताओं को एकजुट करने में जुटे हार्दिक
गुजरात कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रही है। राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में भी हार्दिक पटेल शामिल नहीं हुए। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़ने के संकेत पहले ही देने शुरू कर दिए थे। पाटीदार नेता अल्पेश कठीरिया, दिनेश बंभानिया ने नरेश पटेल से मुलाकात करके राजनीति में जल्द से जल्द आने की अपील की। ऐसे में माना जा रहा था कि पाटीदार नेताओं के साथ हाथ मिलाने के बाद हार्दिक पटेल अपनी ताकत को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और कांग्रेस से खुद को अलग कर सकते हैं।

देश का युवा मजबूत नेतृत्व चाहता है
उदयपुर में जब कांग्रेस का चिंतन शिविर चल रहा था तो हार्दिक पटेल कई न्यूज चैनल पर इंटरव्यू दे रहे थे, वह इस दौरान कह रहे थे कि पार्टी ने उन्हें और उनके साथियों को सत्तारूढ़ दल भाजपा के खिलाफ काम करने अनुमति नहीं दी। हार्दिक पटेल ने जो इस्तीफा पत्र साझा किया है उसमे भी उन्होंने खुलकर कांग्रेस के साथ अपनी असंतुष्टि को जाहिर किया है। हार्दिक ने पत्र में लिखा यह 21वीं सदी है और भारत विश्व का सबसे युवा देश है, देश का युवा मजबूत नेतृत्व चाहता है लेकिन कांग्रेस सिर्फ विरोध की राजनीति तक सीमित है। देश को विरोध की राजनीति नहीं बल्कि भविष्य की सोच रखने वाला नेतृत्व चाहिए, देश को आगे ले जाने वाला चाहिए।

भाजपा के काम को सराहा,कांग्रेस को बताया बाधा
हार्दिक ने अपने इस्तीफे में जो बातें कही हैं उससे इस बात की ओर भी इशारा मिलता है कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने लिखा अयोध्या में प्रभु श्री राम का मंदिर हो, सीएए-एनआरसी का मुद्दा हो, आर्टिकल 370 को खत्म किए जाने का मुद्दा हो, या फिर जीएसटी को लागू करना, इन सब मुद्दों पर देश लंबे समय से समाधान चाहता था। लेकिन कांग्रेस पार्टी इसमे सिर्फ बाधा का काम कर रही थी। देश हो, गुजरात हो या पटेल समाज कांग्रेस का स्टैंड सिर्फ केंद्र सरकार के विरोध तक सीमित रहा। कांग्रेस को जनता ने लगभग हर राज्य में खारिज कर दिया है क्योंकि कांग्रेस पार्टी भविष्य का रोडमैप नहीं दे सकी।

गुजरात कांग्रेस के नेता बिक गए
हार्दिक पटेल ने ट्वीट के साथ अपना इस्तीफा पत्र भी साझा किया है,जिसमे उन्होंने लिखा अनेक प्रयासों के बाद भी कांग्रेस पार्टी द्वारा देशहित एवं समाज हित के बिल्कुल विपरीत कार्य करने के कारण कुछ बातें आपके ध्यान में लाना बहुत आवश्यक हो गया है। हार्दिक ने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ता है कि आज गुजरात में हर कोई जानता है कि किस प्रकार कांग्रेस के बड़े नेताओं ने जानबूझकर गुजरात की जनता के मुद्दों को कमजोर किया और इसके बदले में स्वयं बड़े आर्थिक फायदे उठाए हैं। राजनीतिक विचारधारा अलग हो सकती है, परंतु कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का इस प्रकार बिक जाना प्रदेश की जनता के साथ बहुत बड़ा धोखा है। जिस तरह से हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस के नेताओं पर खुले तौर पर हमला बोला है उससे साफ है कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। बहरहाल देखने वाली बात है कि क्या कांग्रेस गुजरात के भीतर अंतर्कलह को दूर कर पाती है, या फिर पंजाब जैसा हाल यहां भी होता है।












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