देश के कचरा-मुक्त शहरों में गुजरात का डंका, सूरत-राजकोट को 5 स्टार, 5 शहर थ्री स्टार वाले
सूरत। कचरा-मुक्त घोषित देश के शीर्ष शहरों में इस बार गुजरात का डंका बज गया। टॉप-6 सिटी की लिस्ट में जगह बनाते हुए गुजरात के 2 शहरों- राजकोट और सूरत ने 5 स्टार का तमगा पाया है। इनके अलावा मध्य प्रदेश का इंदौर भी कचरा-मुक्त होने के कारण 5-स्टार सिटी के रूप में प्रमाणित किया गया है। गुजरात के 5 शहर 3-स्टार वाले 65 शहरों में भी शामिल हैं।

थ्री स्टार सिटीज में गुजरात के 5 शहर
देश में कचरा-मुक्त बताए गए थ्री स्टार वाले शहरों में गुजरात के पांच शहर शामिल हैं। इनमें अहमदाबाद, गांधीनगर व जामनगर के साथ-साथ अमरेली जिले का बगसरा और गिर सोमनाथ जिले का तालाला शहर भी हैं। वहीं, वन स्टार वाले 70 शहरों में भी गुजरात के 5 शहर शामिल हैं। जिनमें भावनगर, वडोदरा, सूरत के पास तरसाडी, जूनागढ़ जिले का विसावदर और तापी जिले का मुख्यालय व्यारा शामिल हैं।

केन्द्रीय मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने पेश की रिपोर्ट
ज्ञातव्य है कि, केन्द्र सरकार द्वारा हाल ही साफ शहरों का आंकड़ा पेश किया गया।केन्द्रीय मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने राजधानी दिल्ली में शहरों को लेकर रेटिंग जारी की। जिनमें टॉप शहरों में महाराष्ट्र का नवी मुंबई, छत्तीसगढ़ का अंबिकापुर, कर्नाटक का मैसूर समेत मध्यप्रदेश का इंदौर भी शामिल है। इसी सूची में गुजरात के दो शहर राजकोट और सूरत को फाइव स्टार रेटिंग दिया गया।

दिल्ली से 70 शहरों को वन स्टार रेटिंग मिला
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि, मंत्रालय ने जो गाइडलाइन जारी की थीं, उनका लगभग हर शहर ने पालन किया है। ऐसे में काफी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस लिस्ट को फाइनल किया गया है। जिसमें स्वच्छ, स्वस्थ, सशख्त और सम्पन्न आत्मनिर्भर भारत बनाने में इन शहरों का योगदान काफी अहम है। इन शहरों के अलावा देश के दिल्ली, अहमदाबाद जैसे शहरों को थ्री स्टार रेटिंग दिया गया है और करीब 70 शहरों को वन स्टार रेटिंग मिला है। हालांकि, इसमें हर शहर और गांव की अपनी एक भूमिका रही है।

राजकोट के मेयर बोले— 1435 शहरों के आवेदन थे
5 स्टार मिलने की खुशी जताते हुए राजकोट के म्युनिसिपल कमिश्नर उदित अग्रवाल बोले- सितारा रेटिंग आकलन के लिए देशभर से 1435 शहरों ने आवेदन किया था। इस कवायद के दौरान ही 1.19 करोड़ नागरिकों की प्रतिक्रिया लेने के साथ 10 लाख से ज्यादा संग्रहित तस्वीरों का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन करने वाले 1210 लोगों द्वारा भी 5175 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों का निरीक्षण किए जाने के बाद रेटिंग दी गई है।

इन पैमानों पर दी गई शहरों को रेटिंग
दरअसल, रेटिंग जारी करने से पहले सभी शहरों को अलग-अलग पैमाने पर नापा गया था। जिसमें रोजाना सफाई, सिंगल प्लास्टिक यूज़ पर बैन, वेस्ट मैनेजमेंट, और नालों की सफाई जैसे कई पहलूओं को शामिल किया गया था। इन्हीं आधार पर अलग-अलग शहरों को रेटिंग दी गई है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत भी देश के हर शहर, गांव और कस्बों को नापा जाता है और हर साल सबसे स्वच्छ शहर का ऐलान किया जाता है।












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