कोरोना को लेकर PIL पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई, सरकार बोली- सब नियंत्रण में, लॉकडाउन सॉल्यूशन नहीं
गांधीनगर, 12 अप्रैल: गुजरात में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के मुद्दे पर एक जनहित याचिका की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कहा कि, प्रदेश में लोग कोरोना का मुकाबला कर रहे हैं। यहां सब कुछ नियंत्रण में है, सरकार अपना काम कर रही है। अब लोगों को अधिक सतर्क रहना होगा। महाधिवक्ता ने कहा कि, वे लोगों से रेमडेसिवीर (दवा) इंजेक्शन के लिए जल्दबाजी न करने का आग्रह करते हैं।"
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वहीं, याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश बोले कि, आम आदमी को कोरोना संक्रमण की जांच रिपोर्ट मिलने में 4-5 दिन का समय लगता है, जबकि अधिकारी आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिये मात्र कुछ घंटों में ही रिपोर्ट प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि, महामारी के प्रकोप को देखते हुए सैंपल जुटाने और कोरोना टेस्ट करने में तेजी आनी चाहिए। कोरोना महामारी इतनी तेजी से फैल रही है, लेकिन अभी तक सैंपल कलेक्शन व टेस्ट के आरटी-पीसीआर टेस्ट सेंटर तक मौजूद नहीं हैं।

हाईकोर्ट में महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कहा कि, कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन कोई तोड़ नहीं है, यह लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि, हम ऐसे लॉकडाउन का सुझाव देंगे, जिससे कि प्रभावित इलाकों में ही पाबंदियां लगाई जाएं।
गुजरात उच्च न्यायालय में राज्य में कोरोना की स्थिति पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कहा कि, आॅक्सीन सिलेंडर यदि कम पड़े तो उसके उत्पादन से, 70% ऑक्सीजन हेल्थ सेक्टर में पहुंचना चाहिए।












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