पाटीदारों के खिलाफ केस वापस नहीं लिए गए तो 23 मार्च को प्रदेशभर में होगा प्रदर्शन: हार्दिक पटेल
अहमदाबाद, 22 फरवरी। गुजरात कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट हार्दिक पटेल ने पाटीदार आंदोलन के दौरान लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए केस वापस लेने की मांग की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अगर प्रदेश सरकार ऐसा नहीं करती है तो वह प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन करेंगे। हार्दिक पटेल ने कहा कि अगर सरकार इस मसले पर कोई कदम नहीं उठाती है तो वह 23 मार्च को प्रदेशभर में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। गौर करने वाली बात है कि 2015 में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। ये लोग पाटीदारों को आरक्षण दिए जाने की मांग कर रहे थे।

हार्दिक पटेल ने साफ कर दिया है कि अगर 23 मार्च तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पाटीदार आंदोलन को हम फिर से शुरू करेंगे। उन्होंने यह तक कहा है कि वह इसके लिए पार्टी तक छोड़ने के लिए तैयार हैं। हार्दिक ने कहा कि पाटीदार अनामत आंदोलन समिति ने 2015 में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया था, लेकिन आजतक उन मांगों को पूरा नहीं किया गया है। लिहाजा हम एक बार फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं, अगर हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है।
हार्दिक पटेल के सहयोगी जयेश पटेल ने कहा कि 23 मार्च की तारीख इसलिए तय की गई है क्योंकि इस दिन भगत सिंह का शहीदी दिवस है। हमने कुल चार कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। जो लोग भी इस आंदोलन में शामिल होना चाहते हैं वह हमारे निर्वाचित प्रतिनिधियों को संपर्क कर सकते हैं।
भाजपा सरकार से नाराजगी जताते हुए हार्दिक पटेल ने कहा कि सरकार ने हमारी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया है। हमारी लंबित मांगों को सिर्फ आश्वासन का लॉलीपॉप दिया है। मैं इस मुद्दे को फिर से उठा रहा हूं, अगर हमारी मांगों को पूर नहीं किया जाता है तो हम फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं। इस बार का आंदोलन 2015 से भी ज्यादा बड़ा और तेज होगा। हमारी मांग है कि आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाए।












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