गुजरात पेपर लीक मामला: 88 हजार लोगों ने दी थी परीक्षा, मार्च में होगी दोबारा, 2 महिलाओं समेत 18 धरे
अहमदाबाद। गुजरात सरकार द्वारा सरकारी प्रधान लिपिकों की भर्ती के लिए कराई गई वरिष्ठ लिपिक परीक्षा अब रद्द कर दी गई है। इस बारे में गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने घोषणा की। इसकी वजह है- 12 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के प्रश्नपत्रों का लीक होना। जिसके चलते गुजरात में राजनीतिक घमासान मचा हुआ है, और इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साबरकांठा पुलिस की ओर से बताया गया कि, उनके यहां इस प्रकरण में कथित संलिप्तता के आरोप में 2 महिला उम्मीदवारों सहित 4 और लोगों को गिरफ्तार किया है। हम यहां आपको इस मामले की संक्षिप्त जानकारी दे रहे हैं...

88,000 उम्मीदवारों ने दी थी यह परीक्षा
सरकारी प्रधान लिपिकों की भर्ती के लिए गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (जीएसएसएसबी) द्वारा यह परीक्षा कराई गई थी। 186 प्रधान लिपिकों की भर्ती के लिए यह लिखित परीक्षा इसी महीने की 12 तारीख को पूरे गुजरात के केंद्रों पर आयोजित कराई गई, जिसमें लगभग 88,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। हालांकि, प्रश्न पत्र लीक होने की शिकायत मिलीं तो हो-हल्ला मच गया। प्रकरण सामने आने के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। इसे लेकर इन दिनों सरकार के विरोधियों द्वारा खूब सवाल उठाए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक एवं अन्य कई नेता अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय पर जाकर हंगामा कर दिया। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी आरोप लगाए गए। अभी भी सरकार निशाने पर है।

18 गिरफ्तार, 78.46 लाख की नकदी मिली
साबरकांठा पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, इस प्रकरण में मुख्य आरोपी जयेश पटेल और उसके सहयोगी दीपक पटेल के परिसरों से 34 लाख रुपये से अधिक नकद राशि बरामद की गई। ये दोनों आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
साबरकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज बडगुजर ने बुधवार को कहा कि, इन गिरफ्तारियों के साथ पुलिस ने अब तक कथित अपराध में शामिल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 78.46 लाख रुपये की नकदी और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया है।

तलाश तेज, लाखों की नकदी बरामद
प्रश्न पत्र लीक प्रकरण में बीते रोज गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पुलिस ने दानाभाई डांगर, केयूर पटेल, कृपाली पटेल और हिमानी देसाई के रूप में की। एसपी ने बताया कि, पुलिस ने जयेश पटेल और उसके सहयोगी दीपक पटेल के परिसर से 34.10 लाख रुपये भी बरामद किए। अभी और लोगों को भी खोजा जा रहा है। इस परीक्षा को लेकर एक स्थानीय ने कहा कि, गुजरात सरकार के गौण सेवा पसंदगी मंडल की ओर से वरिष्ठ लिपिक परीक्षा 12 दिसंबर को ली गई थी। हालांकि, प्रश्न पत्र लीक हो गया। जिसके बाद सरकार विपक्ष की ओर से लगातार घिरती जा रही है।

ऐसी सजा देंगे कोई सोच भी नहीं सकता
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा है कि पेपर लीक करने वाले दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी कि भविष्य में ऐसा कोई अपराध करने की सोच भी नहीं सकेगा। संघवी ने कहा कि, इस प्रकरण में शामिल लोग जेल से बाहर ही नहीं आ पाएंगे, उनके दोबारा परीक्षा देना तो दूर की बात है। संघवी ने कहा कि, मैं भरोसा दिला रहा हूं पेपर लीक करने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा- "सरकार ने काफी विचार के बाद वरिष्ठ लिपिक परीक्षा को भी रद्द कर दिया है और आगामी परीक्षा मार्च 2022 में होगी।"












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