गुजरात में फंदे पर झूला 22 साल का किसान, आर्थिक तंगी से जान जाने की 3 महीने में 5वीं घटना
Gujarat News, जामनगर। गुजरात में जामजोधपुर के रबारिका गांव में एक युवा किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके जान देने की पीछे थी फसल बर्बादी के बाद आर्थिक हालात बिगड़ना। तंगी के चलते उसकी हिम्मत टूट चुकी थी। वह आए दिन चिंता में रहने लगा था। उसकी उम्र भी बहुत कम थी, वह महज 22 साल का था। वह मजदूरी किया करता था।

जानकारी के अनुसार, रमेश देवशीभाई मकवाणा की फसल बारिश न होने के कारण बर्बाद हो गई थी। उसने बहुत मेहनत से फसल बोई थी। मगर, मेहनत का फल नहीं मिला और आर्थिक तंगी ने घेर लिया तो वह हिम्मत हार गया। उसके पिता देवशीभाई का कहना है कि रमेश के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। कल शाम उसने गले में फंदा डालकर जान दे दी। वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसकी लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इसके बाद जांच-पड़ताल में जुट गई। जांच की अगुवाई जमजोधपुर के पीआई जी. आई. जेठवाने कर रहे हैं।
सरकार का दावा-दोगुनी हुई किसानों की आय
एक ओर जहां राज्य में किसानों की जानें जा रही हैं, वहीं सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के दावे करती रही है। पिछले तीन महिनो में किसान की आत्महत्या की यह पांचवी घटना सामने आई है। जिसको लेकर सरकार द्वारा किये गए वादों को लेकर कई सवाल लोगों में उठ रहे हैं।












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