गुजरात: दूसरे के कागजों से खाता खोलकर बुलियन व्यापारी ने ठिकाने लगाए थे 36.17 करोड़, प्रॉपर्टी सीज
अहमदाबाद। वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान 36.17 करोड़ रुपए जमा करने के बाद उसे ठिकाने लगाने की कोशिश करने वाले बुलियन व्यापारी को अब पछतावा हो रहा है। बुलियन व्यापारी हसमुख शाह के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे हैं। जिसमें शाह की 1.21 करोड़ की संम्पत्ति सीज की गई है। ईडी ने फ्लैट, दुकान, एफडी और बैंक अकाउंट को भी सीज कर दिया है। बता दिया जाए कि, शाह के खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की जांच के आधार पर सीबीआई ने चार साल पहले नोटबंदी के दौरान एफआईआर दर्ज की थी।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि, चार साल पहले दर्ज हुई शिकायत के आधार पर ही ईडी आगे की जांच कर रहा है। नोटबंदी से लटके केसों में अब तेजी आई है। ईडी के कर्मचारियों ने पुराने मामलों की जांच शुरू कर दी है। जिनमें हसमुख शाह का मामला एक है। उसकी 1.21 करोड़ की प्रॉपर्टी सीज की गई है। ईडी के मुताबिक, नोटबंदी के समय पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक के मेसर्स नीरव एंड कंपनी का अकाउंट शाह ऑपरेट करता था और इसमें 36.17 करोड़ जमा हुए थे। भारी रकम ट्रांसफर करने के लिए फर्जी बिल बनाए गए थे। बहरहाल, यह भी सामने आया है कि दूसरे के दस्तावेज पर अकाउंट खोला गया था।'
प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जो संपत्ति सीज की गई है, उसमें ज्ञानदीप सोसाइटी में 97.85 वर्गमीटर एरिया का फ्लैट और 1800 वर्गफीट की दुकान शामिल हैं। ईडी के अधिकारियों ने और जो सीज किया है उसमें सूरत पीपल्स को-ऑपरेटिव बैंक के अकाउंट के 18 लाख रुपए शामिल हैं। एक अधिकारी ने कहा कि, फ्लैट, दुकान, बैंक अकाउंट सीज कर दिए हैं और आगे की जांच भी चल रही है। आरोपी ने नोटबंदी के समय में 36.17 करोड़ रुपए जमा किया था।












Click it and Unblock the Notifications