Dhordo Village: 22 साल पहले भूकंप से बर्बाद हुए गांव धोरडो की बेस्ट टूरिज्म विलेज बनने की कहानी
Dhordo Becomes Best Tourism Village: साल 2001 के भूकंप से बर्बाद हुए गुजरात के कच्छ का गांव धोरडो अब साल 2023 में वर्ल्ड टूरिज्म आर्गनाइजेशन की तरफ से बेस्ट टूरिज्म विलेज चुना गया है।
Dhordo Success Story & Kutch Rann Utsav 2023: खबर में एक तस्वीर जनवरी 2001 की और दूसरी तस्वीर अक्टूबर 2023 की है। जगह गांव धोरडो कच्छ गुजरात है। 22 साल पहले की पहली फोटो में तबाही है। हर तरफ खौफनाक मंजर है जबकि अब उसी जगह पर उत्सव है। साकार होती गुजरात की लोक संस्कृति है। देसी-विदेशी पावणे भी नजर आ रहे हैं।

साल 2021 में गुजरात के कच्छ इलाके में आए भूकंप से पूरी तरह बर्बाद व गुमनाम हो चुके गांव धोरडो गांव ने विश्व पटल पर नई पहचान बनाई है। गुजरात के इस छोटे से गांव धोरडो को संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड टूरिज्म आर्गनाइजेशन (UNWTO) ने दुनिया के 54 गांवों में स्थान दिया है।
भारत पाकिस्तान सीमा पर कच्छ के रण में स्थित गांव धोरडो भूकंप से तबाह हो गया था, मगर कच्छ रण उत्सव 2023-2024 न केवल धोरडो की तस्वीर बल्कि तकदीर भी बदल दी।
रन उत्सव कच्छ गुजरात के आयोजन की वजह से गांव धोरडो को सरकार ने मूलभूत सुविधाएं दुबारा मुहैया करवाई। ढांचागज विकास भी किए। नतीजा यह रहा कि गांव धोरडो विश्व पटल पर छा गया। दुनियाभर में पर्यटकों को यहां खींच लाया।
गांव धोरडो भूकंप से तबाह हुआ तब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मोदी ने गुजरात के सीएम रहते ही धोरडो की दशा व दिशा सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए थे। साथ ही गांव धोरडो के गुलबेग मियां के प्रयास भी सराहनीय हैं।
मियां हुसैन के पिता गुलबेग मियां चाहते थे कि गांव धोरडो में रन उत्सव का आयोजन किया जाकर इसकी तस्वीर बदली जा सकती है। मियां हुसैन ने पिता की इच्छा गुजरात की तत्कालीन मोदी सरकार के पास पहुंचाई तो उनके सुझाव पर अमल हुआ और धोरडो की तकदीर बदलते देर नहीं लगी।
वर्तमान में गांव धोरडो के सरपंच भी मिया हुसैन हैं। इनके पिता गुलबेग मियां का गांव में स्मारक भी बना हुआ है। भाजपा ने अपने फेसबुक पेज पर 'तबाही से पर्यटन तक...कच्छा की विकास यात्रा' शीर्षक से धोरडो की सक्सेस स्टोरी शेयर की है।












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