गुजरात: महानगरों में हालत सुधरे, अब गांवों में कोहराम मचा, कोरोना से सैकड़ों जानें गईं
अहमदाबाद। गुजरात में अभी तक अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे महानगरों में ही कोरोना से तांडव मचा हुआ था। मगर, अब यह वायरस देहाती इलाकों में भी लोगों की जिंदगियां लील रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीते रोज बताए गए मौत के आंकड़ों में आधे से ज्यादा मौतें देहात से ही दर्ज की गईं। रविवार को राज्यभर में 121 कोरोना मरीजों की मौत हुई, जिनमें से 56 यानी 46% मौतें आठ प्रमुख शहरों जैसे अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर, जामनगर, जूनागढ़ और गांधीनगर में दर्ज हुईं जबकि 65 यानी 54% मौतें 'गैर-शहरी' क्षेत्रों में दर्ज की गईं।

उपरोक्त आंकड़ा देखें और, इससे एक महीने पहले यानी कि 9 अप्रैल की स्थिति देखें, तब 42 में से 35 मौतें शहरी क्षेत्रों से थीं, यानी रोजाना की लगभग 83% मौतें शहरी क्षेत्रों में दर्ज की जा रही थीं। मगर अब स्थिति काफी बदल गई है। कोविड पॉजिटिवटी रेट में वृद्धि के साथ-साथ गैर-शहरी क्षेत्रों में फेटिलिटी रेट का बढ़ना बेहद चिंताजनक है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने देहाती गुजरात में "कोरोना-फ्री विलेज" अभियान शुरू किया है।
वहीं, कोरेाना से हो रही मौत के आंकड़ों पर विश्लेषण से पता चलता है कि अप्रैल महीने के दरम्यान पूरे गुजरात में कोरोना वायरस के कारण सबसे अधिक मामले और मृत्यु दर जहां देखी गई- वो शहरी इलाके थे। जिनकी कुल हिस्सेदारी 71% थी और उसमें भी 67% मामले सिर्फ यहां के 8 नगर निगम वाले क्षेत्रों से थे।

एक हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा, "लेकिन अब परिदृश्य बदल रहा है- जैसे-जैसे शहर मामलों और मौतों में गिरावट दर्ज कर रहे हैं, राज्य के अन्य हिस्सों में कोविड पॉजिटिवटी रेट और फेटिलिटी रेट में सापेक्षिक वृद्धि हो रही है। मई में, गैर-शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी दैनिक मामलों में 41% और रोजाना होने वाली मौतों में 53% तक बढ़ गई है। "
अहमदाबाद में 26% कम हुए मामले
जिलों के विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी आबादी वाले चार प्रमुख जिले- अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में मृत्यु दर 0.8% थी, जबकि पिछले एक सप्ताह में राज्य के औसत के मुकाबले अन्य जिलों में 1.3% थी। एक हेल्थ एक्सपर्ट ने हफ्तेभर में बढ़े नए कोरोना मरीजों व कोरोना से हुई मौतों का विश्लेषण (26 अप्रैल से 2 मई और 3 मई से 9 तक) कर अहमदाबाद व सूरत का उदाहरण दिया, कहा कि दोनों जिलों में नए कोरोना मामलों में क्रमश: 26% और 34% की गिरावट दर्ज की गई है और मौतों में भी क्रमशः 20% और 44% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके उलट, आणंद में (33.5%), अरवल्ली में (35.7%), पंचमहल में (55%) भावनगर में (40%), पोरबंदर में (200%) खेड़ा (300%), तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।












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