BJP ने उस पूर्व विधायक को बनाया मोरबी से उम्मीदवार, जो लोगों को बचाने नदी में कूदे थे
bjp candidate for gujarat election 2022: गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के लिए सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। चुनाव में भाजपा ने एक ऐसे पूर्व विधायक को भी उतारा है, जिसने मोरबी में केबल ब्रिज हादसे में लोगों की जान बचाई थी। हम बता कर रहे हैं 60 वर्षीय कांतिलाल अमृत्या (Kanabhai Shivlal Amrutiya) की, जो मोरबी से भाजपा के उम्मीदवार हैं। पार्टी द्वारा मोरबी के मौजूदा विधायक बृजेश मेरजा को हटा दिया गया है।
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लोगों को बचाते नजर आए कांतिलाल अमृत्या को टिकट
कांतिलाल अमृत्या को एक वीडियो में लाइफ ट्यूब पहने और 30 अक्टूबर को सदियों पुराने ब्रिज के केबल टूटने के बाद नदी में गिरने वाले लोगों को बचाने की कोशिश करते हुए देखा गया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वह "जान बचाने के लिए नदी में कूदे"। सूत्रों ने कहा कि इस प्रकरण ने उन्हें मोरबी निर्वाचन क्षेत्र से गुजरात चुनाव लड़ने के लिए भाजपा का "टिकट" दिलाया।
सूत्रों ने बताया कि, अमृत्या का नाम भाजपा की गुजरात के उम्मीदवारों की मूल सूची में नहीं था। मगर अब अगले महीने होने वाले चुनाव में वह मोरबी से भाजपा के उम्मीदवार रहेंगे।

मोरबी ब्रिज हादसे के बाद उठ रहे थे भाजपा पर सवाल
मालूम हो कि, मेारबी ब्रिज हादसे में लगभग 135 लोग मारे गए थे, जो हाल के दिनों में सबसे दुखदायी त्रासदी थी। भाजपा, जिसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहराज्य गुजरात पर 27 वर्षों तक शासन किया है, द्वारा गुजरात की एक घड़ी निर्माता फर्म ओरेवा को ब्रिज के रखरखाव का अनुबंध दिए जाने के तरीके पर भारी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा है। घड़ियां, पंखे, ई-बाइक और एलईडी लाइट बनाने के लिए जानी जाने वाली ओरेवा ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत में अनुभव की कमी के बावजूद पुल के संचालन और रखरखाव के लिए 15 साल का अनुबंध हासिल किया। लगभग सात महीने के नवीनीकरण के बाद, समय से पहले, ब्रिटिश युग के पुल को फिर से खोल दिया गया था, और लोगों से टिकटों के लिए ₹ 17 का शुल्क लिया गया था। जांच से पता चला कि करीब 500 लोगों को एक बार में ही उस ब्रिज पर पहुंच जाने दिया गया, जिससे उसका ढांचा टूट गया। हालांकि फर्श नया और भारी था, लेकिन पुरानी जंग लगी केबलों को बदला नहीं गया था।
हादसे के बाद उक्त कंपनी के अधिकारी, टिकट बेचने वाले और सुरक्षा गार्ड सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन ओरेवा के मालिक व अन्य शीर्ष अधिकारी गायब हैं।

गुजरात में अगले महीने डाले जाएंगे वोट
गुजरात में 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।












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