गुजरात: जहां 4 जून को जलकर मरे थे 12 कर्मचारी, उसी केमिकल फैक्ट्री में फिर लगी आग
भरूच। गुजरात में भरूच जिले के दहेज इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित यशस्वी केमिकल फैक्ट्री के प्लांट में जून महीने के बाद आज फिर आग लग गई। हालांकि, इस बार किसी तरह की जन-हानि की खबर नहीं है। फायर ब्रिगेड की टीम ने 2 घंटे की मशक्कत में आग बुझा दी। मगर, इससे पहले यहां 4 जून भीषण आग लगी थी, जिससे 12 कर्मचारियों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा घायल हुए थे। आस-पड़ोस के इलाके खाली कराने पड़ गए थे।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जून महीने के अग्निकांड के बाद केमिकल फैक्ट्री को क्लोजर नोटिस दे दिया गया था। क्लोजर नोटिस के चलते इन दिनों प्लांट से कबाड़ हटाने की प्रोसेस चल रही थी। इसी दौरान किन्हीं कारणों से आग लग गई। प्लांट बंद होने के चलते यहां कर्मचारियों की संख्या भी काफी कम थी, जिससे जन-हानि टल गई। बता दें कि, 4 जून की घटना इतनी भयानक थी कि ब्लास्ट की इसकी आवाज से ही आसपास के घरों की दीवारें तक गिर गई थीं। कई किलोमीटर तक रसायनिक धुआं फैल गया था।

जून के पहले हफ्ते में ब्लास्ट से कर्मचारियों की मौत होने पर कंपनी के प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया गया। प्रत्येक को 5-5 लाख की मदद की घोषणा की गई। 4 जून के दिन तीव्र ब्लॉस्ट के दौरान यूनिट में आग लग गई थी। जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। जिसके दूसरे दिन यहां फिर आग लग गई थी। यह आग टैंक फार्म में नाइट्रिक एसिड के टैंक में लीकेज होने से लगी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची थी। जिसके बाद पानी की बौछारों के जरिए आग पर काबू पाया गया।
भरूच के ज़िलाधिकारी एमडी मोडिया ने बताया कि, 'हादसे के बाद प्लांट के समीप के दो गांवों के क़रीब 4800 लोगों को गांव से हटाया गया। हादसे में कुल 74 लोग जख्मी हुए थे।'' 4 जून को ब्लास्ट होने के दूसरे दिन आग टैंक फार्म में नाइट्रिक एसिड के टैंक में लीकेज होने से लगी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची। जिसके बाद पानी की बौछारों के जरिए आग पर काबू पाया गया था।












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