Ahmedabad: गुजरात हाईकोर्ट ने चंडोला तालाव में बुलडोजर कार्रवाई को सहमति, ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का दिया हवाला
Ahmedabad Bulldozer: गुजरात के अहमदाबाद के चंडोला तालाव इलाके में कथित अवैध बस्तियों पर बुलडोजर चलाने के मामले ने तुल पकड़ा और फिर पहुंच गया गुजरता हाईकोर्ट ।
मंगलवार, 29 अप्रैल को कोर्ट में दोपहर में हुई आपात सुनवाई के दौरान याचिका दायर करने वाले 23 निवासियों की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस तर्क को स्वीकार किया जिसमें कहा गया था कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित में की गई है।

राज्य के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया, "यह एक सामान्य अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं है। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद हमें कुछ संवेदनशील इनपुट मिले थे। इस इलाके में लंबे समय से आपराधिक और असामाजिक गतिविधियां हो रही थीं। इसीलिए तुरंत कार्रवाई जरूरी थी।"
Ahmedabad Bulldozer: याचिकाकर्ताओं ने कार्रवाई को कहा असंवैधानिक
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद याग्निक ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह कार्रवाई संविधान और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, किसी भी अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित निवासियों को नोटिस देना और पर्याप्त समय देना अनिवार्य है। परंतु इस मामले में ऐसा नहीं किया गया।"
याग्निक ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि अगर कुछ लोग वास्तव में बांग्लादेशी नागरिक हैं, तो उन्हें विदेशी न्यायाधिकरण (Foreigners' Tribunal) के आदेश के अनुसार, कानून का पालन करते हुए सम्मानपूर्वक देश से बाहर भेजा जाना चाहिए।
याग्निक ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की इस कार्रवाई में निर्दोष भारतीय नागरिक भी शिकार हो रहे हैं। राज्य सरकार ने पिछले चार दिनों में 1200-1500 लोगों को बांग्लादेशी कहकर उठाया, जिनमें से 90% को छोड़ना पड़ा क्योंकि वे भारतीय निकले। अब तोड़फोड़ के दौरान उन लोगों के घर भी गिराए जा रहे हैं, जिनकी नागरिकता की पुष्टि तक नहीं हुई है।
Ahmedabad Bulldozer मामले पर कोर्ट ने क्या कहा?
गुजरात हाईकोर्ट ने सरकार की दलीलों को 'विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी' मानते हुए, याचिका पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला संवेदनशील है और इसमें सरकार की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है।
हाईकोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "न्याय की जीत! गुजरात हाईकोर्ट ने कांग्रेस समर्थकों की याचिका को खारिज किया। इनका एजेंडा बांग्लादेशियों और पाकिस्तानियों को बचाने का था, जो अब नाकाम हो गया।"
इसके जवाब में गुजरात कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ. मनीष दोशी ने कहा कि भाजपा कांग्रेस पर झूठा आरोप लगाकर अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने कभी अवैध प्रवासियों का समर्थन नहीं किया है।












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