पिता-पुत्री कोरोना वॉरियर्स: ढाई साल की बच्ची कहती है- मम्मी तुम महामारी हराकर ही आना
जामनगर। गुजरात में जगह-जगह से कोरोना वॉरियर्स के किस्से सुनने को मिल रहे हैं। इन कोरोना वॉरियर्स में हेल्थ वर्कर, पुलिसकर्मी से लेकर घर-घर सर्वे करने वाले लोग शामिल हैं। आज जामनगर सिविल हॉस्पिटल में नर्स की ड्यूटी कर रही निकिता की कहानी पढ़िए।
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पीआई पिता और नर्स बेटी दोनों कोरोना वॉरियर्स
निकिता वडोदरा के वाड़ी पुलिस स्टेशन में पीआई हसमुखलाल रामावत तैनात की बेटी हैं। पिता-पुत्री दोनों कोरोना महामारी के बीच लोगों की सेवा में जुटे हैं। निकिता शादीशुदा हैं और उनकी एक बेटी भी है। बेटी अभी ढाई साल की है। वो बेटी अपनी मां यानी निकिता से तुतलाती जबान में कहती है-मम्मी तुम कोरोना को हराकर ही आना! दरअसल, संकट के इस दौर में निकिता अपनी बेटी से नहीं मिल पातीं। इन दिनों रोज वह सिविल हॉस्पिटल में काम कर रही हैं।

बच्ची मुझसे तुतलाती जबान में बोलती है
निकिता ने कहा, ''मेरी ढाई साल की बेटी नाम पृथा है। जब मुझे परिवार की याद आती है, तो वीडियो कॉल से बात कर लेती हूं। पर बेटी से बात करनी होती है, तो समय निकालना ही होता है। मेरी बच्ची मुझसे अपनी तुतलाती जबान में कहती है कि मम्मी तुम कोरोना को हराकर ही आना। उसके ये शब्द सुनकर मुझमें उत्साह बढ़ जाता है और मैं फिर से काम पर लग जाती हूं।'

मैं अपने ससुराल जामनगर में रहती हूं
बकौल निकिता, 'मेरे पिता हसमुख रामावत पीआई हैं और वह वडोदरा में ड्यूटी करते हैं। मेरे पति वडोदरा में पीसआई हैं। मैं अपने ससुराल में जामनगर में रहती हूं। मुझे अपनी ढाई साल की बेटी से मिले दो माह हो गए हैं। अपनी ड्यूटी पर रहकर मैं खुद को उससे दूर रखे हुए हूं। हम पिता-पुत्री दोनों इसी तरह कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।'












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