गुजरात दंगों की 20वीं बरसी: ब्रिटिश MP ने मांगे 2002 में मारे गए 3 अंग्रेजों के शव, सरकार ने क्या कहा?
गोधरा। 'गुजरात में गोधरा-दंगों की 20वीं वर्षगांठ' पर ब्रिटेन की संसद में बहस हुई। बहस के दौरान वहां, लेबर पार्टी की सांसद लीडबीटर ने गुजरात में 2002 में मारे गए 3 ब्रिटिश नागरिकों के शवों की वापसी की मांग की। ब्रिटिश-सांसद ने कहा कि, जिन ब्रिटिश नागरिकों की भारत के गुजरात में 20 बरस पहले हुए दंगों में जान गई...उनकी लाशें भी नहीं मिल पाईं। उन लोगों के नर-कंकालों को वापस लाया जाए।

ब्रिटिश MP लीडबीटर के आह्वान पर संसद में चर्चा की खबरें मीडिया में आईं। हालांकि, वहां की सरकार ने उस बारे में भारतीय उच्चायोग से बात नहीं की। इस पर, लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा है कि, इस बारे में अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया गया है, जब होगा तो कुछ करेंगे। बता दें कि, बुधवार को यूके की संसद में '2002 के गुजरात दंगों की 20वीं वर्षगांठ' पर बहस छिड़ी, जहां लेबर पार्टी की सांसद किम लीडबीटर ने दंगों में जान गंवाने वाले 3 ब्रिटिश नागरिकों के शवों के नश्वर अवशेषों को वापस लाने का आह्वान किया। उन्होंने इस मुद्दे पर, मृत्यु की परिस्थितियों को लेकर एक जांच की भी मांग की।

विदेश मामलों को देखने वाले मंत्री अमांडा मिलिंग ने सांसद किम लीडबीटर का समर्थन किया और अपनी सरकार की ओर से बोलते हुए कहा कि, गुजरात दंगों में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों शवों की वापसी की मांग को ब्रिटिश सरकार समर्थन करेगी। वहीं, ब्रिटेन की संसद में इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते करते हुए, लंदन में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि, "बीस साल पहले भारत में हुई दुखद-घटनाओं के संबंध में यहां (ब्रिटिश संसद) हुई चर्चा पर हमने गौर किया। हालांकि, उन लोगों के परिवारों ने अभी तक भारतीय अधिकारियों से संपर्क नहीं किया है।'
भारतीय उच्चायोग में मंत्री (राजनीतिक, प्रेस और सूचना) विश्वेश नेगी ने कहा, "भारतीय उच्चायोग यह बताना चाहता है कि अब तक उस सांसद द्वारा भी संपर्क नहीं किया गया है, जिसने ब्रिटिश संसद में इस मुद्दे पर बोला। न ही आज की चर्चा में किसी अन्य शख्स ने उस मामले में हमसे संपर्क किया है।"












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