World Cancer Day: ओरल कैंसर होने की हैं ये वजहें, ऐसे करें बचाव

World Cancer Day Latest News Gorakhpur: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर प्राणी विज्ञान विभाग, रोवर्स-रेंजर्स तथा विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के तत्वाधान में *ओरल कैंसर* पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विज्ञान संकाय एवं रोवर्स-रेंजर्स के लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रजनीश पांडेय ने सरल एवम सहज रूप से ओरल कैंसर के विषय में जानकारी दी।

उन्होंने बताया की ओरल कैंसर से तात्पर्य मुंह या गले में होने वाले कैंसर से है। यह मुंह के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित कर सकता है जिसमें होंठ, जीभ, गाल, मसूड़े, मुंह की छत या तली और गला शामिल हैं। इस प्रकार के कैंसर का पता अक्सर बाद के चरणों में चलता है, जिससे प्रभावी उपचार के लिए शुरुआती पहचान और हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हो जाता है। ओरल कैंसर के जोखिम कारकों में धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, खराब पोषण, ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) के संपर्क में आना और मौखिक घावों या संक्रमण का इतिहास शामिल है।

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World Cancer Day: ये हैं कैंसर होने की मुख्य वजहें, विशेषज्ञ की खास बातें बदल देंगी आपका जीवन
ओरल कैंसर के लक्षणों में मुंह में लगातार घाव, निगलने में कठिनाई, मुंह या गर्दन में गांठ, बिना किसी कारण के रक्तस्राव और आवाज में बदलाव शामिल होते हैं। उन्होंने आगे बताया की ये लक्षण सूक्ष्म हो सकते हैं और आसानी से अनदेखे किए जा सकते हैं, यही कारण है कि नियमित रूप से दांतों की जांच और स्व-परीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
मौखिक कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।

समय पर पता लगने से जान बचती है। नियमित जांच और स्व-परीक्षण से बीमारी का पता इसके शुरुआती, अधिक उपचार योग्य चरणों में लगाया जा सकता है। ओरल कैंसर के कई जोखिम कारक, जैसे धूम्रपान, शराब का सेवन और एचपीवी संक्रमण, जीवनशैली में बदलाव करके कम किए जा सकते हैं। इन जोखिम कारकों के बारे में शिक्षा स्वस्थ आदतों को प्रोत्साहित कर सकती है और बीमारी की घटनाओं को कम कर सकती है। जागरूक एवम युवा विधार्थी जो हमारे देश का भविष्य हैं उन्हें अपने ज्ञान द्वारा आम जन मानस को जागृत करने में एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं। अन्त में विद्यार्थियों की उत्सुकता उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देकर डॉ पांडेय ने उन्हें कैंसर जागरूकता के इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के शुरुआत में प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, ने ओरल कैंसर पर जागरूकता के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को अपने आस पास लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन रोवर्स - रेंजर्स के समन्वयक प्रो विनय कुमार सिंह ने किया। प्राणी विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो रविकांत उपाध्याय ने सभी कार्यक्रम में उपस्थित सभी आगंतुकों का औपचारिक स्वागत किया और प्रभारी स्वास्थ्य केंद्र प्रो वीना बी कुशवाहा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो अनुभूति दुबे अधिष्ठाता छात्र कल्याण, प्रो उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो विजय वर्मा, डॉ गौरव सिंह, डॉ तूलिका, प्रो अजय सिंह, प्रो केशव सिंह, डॉ महेंद्र प्रताप सिंह, डॉ राम प्रताप यादव, डॉ सुशील कुमार, डॉ सुनील कुमार सिंह, डॉ सुनैना गौतम, डॉ मनीष प्रताप सिंह, डॉ नुपुर श्रीवास्तव और डॉ पंकज श्रीवास्तव, विभागीय कर्मचारी एवं 200 से अधिक विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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