Gorakhpur News: 'न सड़क, न पुल, ना ही रोजगार....', नदी किनारे रहने वाले लोगों ने बयां किया अपना दर्द
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जिला। यह जिला सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है। वह समय समय पर यहां आते भी रहते हैं और यहां के लोगों का खास ध्यान रखते हैं। कई हजार करोड़ रुपए की विकास परियोजनाएं भी यहां चल रहीं है। लेकिन नदी किनारे रहने वाले लोगों की कुछ समस्याएं अभी भी बरकरार हैं। उन्हें अधिकारियों से तो बिल्कुल नहीं लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ से पूरी उम्मीद है कि वो इनकी समस्याओं से अवगत होंगे और इनके भी दिन पलटेंगे। राप्ती और रोहिन नदी के किनारे रहे वाले लोगों की समस्याएं जानने के लिए वन इंडिया हिंदी की टीम पहुंची सूरजकुंड से नजदीक स्थित माधोपुर बंधे पर, जहां रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने लोगों से बातचीत की और जमीनी स्तर पर उनकी समस्याएं जानी।
बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत गोरखपुर में कई नदियां प्रवाहित होती है जिनमे घाघरा, राप्ती, रोहीन प्रमुख हैं। राप्ती और रोहिन नदियों के किनारे भारी संख्या में लोग रहते है। बंधे किनारे रहे वाले सिकंदर सहनी कहते हैं कि यहां कई समस्याएं हैं। बारिश ज्यादा हो जाती है तो जगह जगह पानी भरने से बच्चे जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा पाते है।

सिकंदर सहनी ने कहा कि अधिकारी बरसात में यहां निरीक्षण करने आते है। उसके पहले वे कही नजर नहीं आते है। निरीक्षण नही बल्कि वे कोरम पूरा करने आते हैं। इन्हे अपना काम तो अच्छे से करना चाहिए।
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पानी बढ़ने पर डूब जाता
गौतम साहनी कहते हैं कि जो रास्ता बंधे से कॉलोनी की तरफ जा रहा है वह पानी बढ़ने पर डूब जाता है। इसके बाद इसमें से होकर जाना पड़ता है जो किसी नरक से कम नहीं।
सिंचाई विभाग कही दिखता ही नही है
गौतम सहनी कहते है बंधे किनारे लोगो का दर्द जानने की किसे फुरसत है। यहां सिंचाई सहित किसी विभाग का कोई अधिकारी नहीं दिखता है।
रोजगार की है कमी शिव कुमार यादव कहते हैं कि इस बंधे के आस पास रहने वाले लोगों के लिए कोई से का श्रोत नही है। कुछ पशुओं को पाल लिया तो थोड़ा सा फसलों से हो गया। जो जीवन चलाने के लिए काफी नहीं होता है। रोजगार की कमी है।
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रोड बन जाए तो रोजगार भी बढ़ेगा
शिव कुमार यादव कहते हैं कि अगर इस बंधे पर सड़क बन जाए तो लोग व्यवसाय भी करेंगे। जिससे रोजगार बढ़ेगा।
डोमिनगढ़ से बने इधर ब्रिज बन जाए तो बढ़ेंगी सुविधाएं शंभू कहते हैं कि अगर डोमिनगढ़ स्टेशन से इधर ब्रिज बन जाए। उधर चौड़ा रास्ता बन जाए तो आवागमन, रोजगार, व्यवसाय सहित की सुविधाएं बढ़ जाएंगी। अभी बहुत दिक्कत है।
बने पुल
किसान शंभू कहते है कि हम साल भर में एक फसल सिर्फ गेंहू उगाते हैं। पुल न होने के नाते उसे मंडी में बेचने की भी समस्या रहती है। इस पर पुल बन जाए तो राहत मिले।












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