Gorakhpur News: DDU University NAAC को लेकर करेगा यह खास पहल, ये होंगे फायदे
Gorakhur News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) अपनी NAAC यात्रा पर एक पुस्तक का विमोचन जल्द ही करेगा। इस पुस्तक का विमोचन माननीय कुलाधिपति और उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा किया जाएगा। यह पुस्तक विश्वविद्यालय के NAAC मूल्यांकन की यात्रा और उससे जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धियों का संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करेगी।
इस पुस्तक में विश्वविद्यालय की 75 वर्षों की यात्रा, नैतिक मूल्यों के आलोक में शिक्षण पद्धतियों, शोध, बुनियादी ढांचे और शैक्षिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहन देने के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय द्वारा समाज में किए गए बदलावों, गोद लिए गए गांवों में सुधार, और स्वच्छता, स्वास्थ्य, और योग कार्यक्रमों में किए गए नवाचारों का भी विस्तृत रूप से वर्णन किया गया है।

विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा गुणवत्ता को बढ़ाते हुए NAAC मूल्यांकन में A++ श्रेणी प्राप्त की है, और यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसके अलावा, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए विश्वविद्यालय ने गोद लिए गांवों में सुधार और स्वच्छता कार्यक्रमों जैसी पहलें की हैं, जो समुदाय के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक रही हैं। इसके साथ ही, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने कई पहलें शुरू की हैं, जिनका प्रभाव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा गया है, जिससे विश्वविद्यालय की पहचान और भी मजबूत हुई है।
कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय की नैक मूल्यांकन यात्रा में अहम भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में, विश्वविद्यालय ने मूल्यांकन प्रक्रिया के सभी पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया और समर्पण के साथ प्रत्येक गतिविधि को पूर्ण किया। उन्होंने कहा, "दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा और समाज के लिए उत्कृष्ट योगदान दिया है, और इस पुस्तक के माध्यम से हम उसकी यात्रा को और अधिक लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।"
विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रो. पूनम टंडन ने पुस्तक के विमोचन पर टिप्पणी करते हुए कहा, "यह पुस्तक हमारे विश्वविद्यालय की मेहनत, समर्पण और सफलता का प्रतीक है। NAAC मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान हमने जो चुनौतियों का सामना किया और जो परिणाम प्राप्त किए, वह हमारी सामूहिक मेहनत का फल हैं। हम गर्व से कह सकते हैं कि हम ना केवल अपनी शिक्षा प्रणाली को सुधारने में सफल रहे हैं, बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों की मेहनत के कारण हम इस सफलता को हासिल करने में सक्षम हुए। इस पुस्तक के माध्यम से हम अपने अनुभवों और सीख को साझा करेंगे ताकि अन्य शैक्षणिक संस्थान भी इससे प्रेरणा ले सकें।"
इस पुस्तक के माध्यम से, विश्वविद्यालय न केवल नैक मूल्यांकन की यात्रा को साझा करेगा, बल्कि इन अनुभवों के जरिए शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में भी कार्य करेगा ।












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