Delhi Coaching Incident के बाद सीएम सिटी गोरखपुर के इन कोचिंग सेंटरों को क्यों सता रहा डर? बना रहे दूरी
Delhi Coaching Incident Effects On Gorakhpur Coaching Centres: दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित राव IAS कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद पूरे देश के कोचिंग संस्थानों की तरह तरह की खबर सामने आ रही है। इसी क्रम में वन इंडिया हिंदी के रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने सीएम सिटी गोरखपुर में कुछ कोचिंग सेंटरों का हाल जानना चाहा। यहां आने वाले छात्र कितने सुरक्षित है यह जानने की इच्छा लिए कई सेंटरों पर पहुंचा। यहां संस्थान के लोगों ने जो दूरी और डर दिखाया वो कुछ इस तरह रहा -
मोमेंटम कोचिंग सेंटर छात्र संघ चौराहा
सीएम सिटी गोरखपुर के छात्र संघ चौराहे पर स्थित प्रसिद्ध कोचिंग सेंटर में जब वन इंडिया हिंदी की टीम पहुंची तो एक मैडम से पूछे जाने पर कि इस कोचिंग सेंटर से जुड़ी खबरों के लिए बात करनी है तो उन्होंने ऑफिस की तरफ इशारा किया। ऑफिस की तरफ बढ़ने पर उन्होंने कहा सर तो यही हैं। इसके बाद टीम को ऑफिस में बैठने को कहा गया। बहुत देर इंतजार करने के बाद भी जब कोई नही आया तो एक चीज साफ हो गई कि इस कोचिंग सेंटर के लोग बात करने से डर रहे हैं, दूरी बना रहे हैं। फिर टीम अगले कोचिंग सेंटर की ओर रवाना हुई।

विद्यापीठ कोचिंग सेंटर
गोरखपुर में इस कोचिंग सेंटर की कई ब्रांच है । वन इंडिया की टीम पहले गोलघर कालीमंदिर के पास स्थित ब्रांच पर पहुंची। यहां के ऑफिस में पहुंची तो तरह तरह के बहाने बनाए गए। यहां से भी कर्मचारियों के दूरी बनाने के बाद टीम इसके अग्रसेन तिराहा रोड पर स्थित मुख्य ब्रांच पहुंची। काफी देर इंतजार करने के बाद बिजनेस हेड विकास से मिलने का मौका मिला। छात्रों की सुरक्षा पर प्रश्न पूछे जाने पर इन्होंने कहा कि हम इस पर कोई कॉमेंट नहीं कर सकते।
विद्यापीठ के सेंट्रल हेड अजीत चौधरी ने बताया कि हजारों की संख्या में बच्चों और अभिभावकों का भरोसा हम पर है। हम भरोसे के लिए कठिन परिश्रम करते है। बच्चों की सुरक्षा सहित एक एक पहलू पर गंभीरता से नजर रखते है। उन्हें कोई समस्या न हो इसका विशेष ध्यान दिया जाता है।
अजीत चौधरी ने बताया कि हमारे यहां कोई सेंटर बेसमेंट में नहीं चलते हैं। छात्र हित में कई वेलफेयर भी चलाए जाते है। प्रशासन की तरफ से सभी सुरक्षा पैमानों को पहले ही प्रमाणित किया जा चुका है। छात्र हित सर्वोपरि है।
कही दूरी बनाने की वजह यह तो नहीं वन इंडिया टीम इसी तरह कुछ और कोचिंग सेंटरों पर गई। सभी जगह मैनेजमेंट छात्रों की सुरक्षा पर बात करने से कतराता रहा। एक बात तो समझ में आ गई कि सब कुछ ठीक तो नहीं है। अगर ठीक रहता तो फिर डर और दूरी किस बात की।












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