DDU University के इतिहास विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के बीच हुआ MOU, होंगे ये फायदे
DDU University Latest News Gorakhpur Uttar Pradesh: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास विभाग एवं राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर के बीच एमओयू संपन्न हुआ. इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने दोनों संस्थाओं के मध्य हुए एमओयू के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि *इससे दोनों ही संस्थाएं एकेडमिक एवं सांस्कृतिक रूप से संपन्न होंगी. एकेडमिक आदान-प्रदान, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, कलाकृतियों की पहचान एवं व्याख्या, पुरातात्विक अवशेषों एवं मुद्राओं की व्याख्या के साथ ही हमारे विद्यार्थियों को कार्यशाला इत्यादि के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त होगा.*
कला संकाय के अधिष्ठाता एवं इतिहासविद प्रोफेसर राजवंत राव ने कहा कि इस एमओयू से *आंचलिक संस्कृति, इतिहास, बौद्ध तथा जैन धर्म एवं दर्शन के नए आयाम उद्घाटित होंगे. इस एमओयू से कोशल-काशी क्षेत्र की पाषाण युग से लेकर अद्यावधि संस्कृतियों का विकास स्पष्ट होगा. इससे बौद्ध, जैन, श्रमण व ब्राह्मण संस्कृतियों के समावेशी चरित्र का उद्घाटन होगा, जो भारतीय संस्कृति की मूलभूत विशेषता है. इस अंचल में इन चारों संस्कृतियों का संवाद होता हुआ दिखाई देता है.

प्राचीन इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर प्रज्ञा चतुर्वेदी ने कहा कि इससे राजकीय बौद्ध संग्रहालय एवं प्राचीन इतिहास विभाग के मध्य एकेडमिक आदान-प्रदान होगा. राष्ट्रीय संगोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं कार्यशालाओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त होगा.
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उपनिदेशक यशवंत सिंह राठौड़ ने कहा कि दोनों के मध्य एमओयू इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति, धर्म व दर्शन के साथ ही टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा. इससे राजकीय बौद्ध संग्रहालय प्राचीन इतिहास विभाग की एकेडमिक विशेषज्ञता हासिल करेगा.
इस अवसर पर प्रोफेसर दिग्विजय नाथ मौर्या, प्रोफेसर शीतला प्रसाद सिंह, प्रोफेसर कमलेश गौतम, गोरखपुर जनसूचना अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता मौजूद रहे.












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