DDU University में लागू हुआ यह नया नियम, आप भी जान लें कुलपति का निर्देश
DDU University Latest News In Hindi Gorakhpur: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय गोरखपुर एवं यातायत पुलिस गोरखपुर के संयुक्त तत्वधान में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत विश्वविद्यालय के संवाद भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. सत्यपाल सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी गोरखपुर श्री रामवृक्ष सोनकर द्वारा अवगत कराया गया कि सड़क दुर्घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण होती हैं जिन्हें रोका जा सकता है । गोरखपुर में यदि दुर्घटना की आंकड़े देखे जाएं तो लापरवाही और ओवर स्पीडिंग दुर्घटना के प्रमुख कारणो मे से एक है। सड़क सुरक्षा के विषय में जागरूकता उत्पन्न कर यातायात नियमों का पालन कर दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।

संजय कुमार झा संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन के द्वारा गोरखपुर जनपद में वर्ष 2023 में हुई कुल 1284 दुर्घटनाओं में 494 लोगों तथा वर्ष 2024 में 1276 सड़क दुर्घटनाओं में 435 लोगों की दुखद मृत्यु के आंकड़ों में 18 से 35 वर्ष की युवाओं की संख्या का जिक्र किया गया। जिनमें से अधिकांश मृत्यु बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने वाले रेखांकित किए गए। इन्होंने बताया की सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में जनहानि में 50% से अधिक कमी ले जाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार संवेदनशील है।
01 जनवरी 2025 को ही राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस निमित्त निर्देश दिए गए थे जिसका अनुपालन परिवहन विभाग के साथ-साथ संबंधित स्टेकहोल्डर विभागों द्वारा किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं को अवगत कराया गया कि एक्सीलेटर वेस्ट ड्राइविंग में सड़क पर किसी भी प्रकार के अवरोध को देखकर गति कम करना आवश्यक है यातायात नियमों का पालन करते हुए व्यवहारजन्य परिवर्तन लाकर दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।
डॉ.सत्यपाल सिंह, समन्वयक - राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा बताया गया की एन.एस.एस. निरंतर यातायात पुलिस एवं अन्य एजेंसियों के सहयोग हेतु तत्पर रहती है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा दिनांक 02 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2024 तक यातायात पखवाड़े के माध्यम से बृहद यातायात जागरूकता कार्यक्रम संचालित गए थे। उन कार्यक्रमो का जिक्र भी उन्होंने किया। छात्र-छात्राओं को समझाते हुए डॉ. सिंह ने बताया कि सड़क पर जब दुर्घटना होती है तो इसका असर परिवार के ऊपर विपरीत रूप से पड़ता है। सड़क सुरक्षा नियमों को व्यवहार रूप में अमल किया जाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय की कुलपति द्वारा अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय सेवा योजना की सराहना की और कहा की दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के द्वारा सरकार द्वारा प्राप्त विभिन्न आयामों पर लगातार कार्यक्रम कराए जाते हैं। उसी के कड़ी में आज का यह कार्यक्रम आयोजित है। स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाज को दिशा देने का काम आपका है, आपको समाज में जागरूकता फैलानी होगी। देश की उन्नति में सड़कों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क पर वाहन लेकर निकलने से पहले प्रत्येक को प्रण लेना चाहिए कि मैं हेलमेट एवं सीट बेल्ट का सदैव प्रयोग करूंगा। उन्होंने मंच से घोषणा की की दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में तत्काल प्रभाव से बिना हेलमेट के प्रवेश प्रतिबंधित किया जाता है।
सड़क सुरक्षा के इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गिरिजेश यादव, डॉ. कुसुम रावत, डॉ. सुमन कनौजिया, डॉ. स्मृतिमल्ल, डॉ. पवन कुमार, डॉ. वंदना अहिरवार, डॉ. नूपुर सिंह, डॉ. दीपक सिंह तथा पुलिस अधीक्षक यातायात गोरखपुर संभागीय परिवहन अधिकारी संजय कुमार, श्रीराम वृक्ष सोनकर, संजय कुमार झा, अरुण कुमार, नरेंद्र यादव, सी के वर्धन एवं यातायात निरीक्षक रमापति, एवं मनोज कुमार आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक नवीन पांडे के द्वारा किया गया तथा इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।












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