DDU University: गैलेक्सी के रहस्यों से पर्दा उठाने की दिशा में DDUGU के वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण खोज
DDU University News: गोरखपुर, भारत - मार्च 2025: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) के शोधकर्ता हमारी आकाशगंगा (Milky Way) के गठन और विकास को समझने के लिए मुक्त तारागुच्छों (Open Star Clusters) का अध्ययन कर रहे हैं। ये तारागुच्छ उन तारों का समूह होते हैं जो एक साथ जन्मे होते हैं और अंतरिक्ष में एक परिवार की तरह यात्रा करते हैं।
इस शोध का नेतृत्व भौतिकी विभाग (Department of Physics) की डॉ. अपरा त्रिपाठी कर रही हैं, जो डॉ. सौरभ शर्मा, डॉ. नीलम पंवार, डॉ. रामाकांत यादव, और ब्रिजेश कुमार (वैज्ञानिक, ARIES, नैनीताल) के साथ मिलकर इस अध्ययन को आगे बढ़ा रही हैं। इस शोध का उद्देश्य यह समझना है कि ये तारागुच्छ आकाशगंगा की संरचना और विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं।

तारागुच्छों का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
तारागुच्छों को "खगोलीय प्रयोगशाला" कहा जाता है क्योंकि वे खगोलविदों को यह समझने में मदद करते हैं कि तारे कैसे जन्म लेते हैं, विकसित होते हैं और अंततः समाप्त होते हैं। इनके अध्ययन से वैज्ञानिक कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोज सकते हैं, जैसे:
• तारे समय के साथ कैसे बदलते हैं?
• तारों के समूह एक-दूसरे के साथ कैसे संपर्क करते हैं?
• ये तारागुच्छ हमारी आकाशगंगा के इतिहास के बारे में क्या बता सकते हैं?
अंतरिक्ष और ग्राउंड-आधारित दूरबीनों के उपयोग से सटीक अध्ययन
शोध दल गैया (Gaia) जैसे स्पेस टेलीस्कोप और ग्राउंड-आधारित ऑप्टिकल एवं इन्फ्रारेड टेलीस्कोप की मदद से तारागुच्छों की दूरी, आयु और गति को माप रहे हैं।
तारागुच्छों का अध्ययन करते समय एक बड़ी चुनौती यह होती है कि यह पता लगाया जाए कि कौन-से तारे वास्तव में इस समूह का हिस्सा हैं और कौन-से सिर्फ दृष्टि भ्रम (optical illusion) के कारण पास दिखाई देते हैं। सटीक खगोलीय डेटा (astrometric data) की सहायता से शोधकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि कौन-से तारे वास्तव में एक समूह का हिस्सा हैं और कौन-से पृष्ठभूमि (background) या अग्रभूमि (foreground) में हैं।
तारों का नृत्य: द्रव्यमान पृथक्करण (Mass Segregation) और परिवर्तनशील तारे (Variable Stars)
शोधकर्ता द्रव्यमान पृथक्करण नामक प्रक्रिया का अध्ययन भी कर रहे हैं, जिसमें भारी तारे धीरे-धीरे तारागुच्छ के केंद्र की ओर खिसकते हैं जबकि हल्के तारे बाहरी ओर चले जाते हैं। इस प्रक्रिया को समझने से वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद मिलेगी कि तारागुच्छ लाखों वर्षों में कैसे विकसित होते हैं।
इसके अतिरिक्त, शोध दल परिवर्तनशील तारों (variable stars) का भी अध्ययन कर रहा है, जो समय के साथ अपनी चमक बदलते हैं। ये तारे तारों की आंतरिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं और तारकीय विकास (stellar evolution) के मौजूदा मॉडलों को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
हमारी आकाशगंगा को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
शोधकर्ता अपने अध्ययन में आधुनिक सांख्यिकीय और कम्प्यूटेशनल तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे तारागुच्छों पर पिछले अध्ययनों में पाई गई विसंगतियों (discrepancies) को दूर किया जा सके। यह शोध आकाशगंगा की उत्पत्ति और संरचना को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
DDUGU की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस शोध को विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा:
"यह शोध दर्शाता है कि DDUGU वैज्ञानिक खोज और नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। तारागुच्छों का अध्ययन करके हमारे शोधकर्ता आकाशगंगा के विकास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। यह विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।"
शोध दल ने अपनी खोजों को कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित किया है, जिससे खगोल भौतिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान हुआ है।












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