Gorakhpur News: मांगे पूरी होने तक सरकार की जन विरोधी नीतियों का करते रहेंगे विरोध
Gorakhpur News Hindi Uttar Pradesh: अभी हाल ही में अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के साथ प्रमुख श्रम संगठनों द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया गया था। यह केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ था। वन इंडिया हिंदी रिपोर्टर पुनीत श्रीवास्तव ने सचिव, यूनियन बैंक स्टाफ एसोसिएशन गोरखपुर संतोष कुमार यादव से खास बातचीत की।
संतोष कुमार यादव ने कहा कि 9 जुलाई को ट्रेड यूनियन सहित कई संगठनों द्वारा जो भारत बंद किया गया था उसकी कई खास वजहें हैं। सरकार की उन नीतियों का हम विरोध करते हैं जो जन विरोधी हैं। जिसमें नवउदारवादी, कॉरपोरेट-समर्थक और श्रमिक-विरोधी नीतियां प्रमुख है। चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) का विरोध जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं को श्रमिकों के मौलिक अधिकारों जैसे संगठित होने, सामूहिक सौदेबाजी और हड़ताल करने के अधिकार को कमजोर करने वाला माना जा रहा है। हड़ताल का उद्देश्य बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, ठेका प्रथा और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित करना था।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानती हम इसका विरोध जारी रखेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगे
* चार श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द करना।
* पुरानी पेंशन योजना की बहाली।
* बेरोजगारी और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण।
* निजीकरण और ठेका प्रथा पर रोक।
* न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी।












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