DDU News Gorakhpur: गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में 10 विषयों पर शुरू हुआ पीएचडी प्रोग्राम
Gorakhpur News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर एंड नेचुरल साइंसेज (आईएएनएस) में शैक्षणिक सत्र 2023-24 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के गाइडलाइंस के अनुसार संसोधित स्लेबस को पढ़ाया जाएगा।
कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में संसोधित पाठ्यक्रमों में विज्ञान आधारित कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शैक्षिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान गतिविधियों को शामिल किया गया है। उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय कृषि शिक्षा प्रदान करना है।

इसके साथ ही कृषि संस्थान द्वारा कृषि के सभी दस विषयों में पीएचडी कार्यक्रम भी इस शैक्षणिक सत्र से शुरू किया गया है। विश्वविद्यालय के कृषि संकाय में पीएचडी डिग्री की पात्रता परीक्षा में कृषि से संबंधित 10 विषयों; एग्रोनोमी, हार्टीकल्चर, जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रीडिंग, पादप रोग विज्ञान, कीट विज्ञान, कृषि प्रसार, कृषि अर्थशास्त्र, मृदा विज्ञान, एनिमल हसबेन्डरी तथा पोल्ट्री विज्ञान को शामिल किया गया है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एमएससी में तीन नई स्नातकोत्तर डिग्री जिसमें पादप रोग विज्ञान, मृदा विज्ञान और पशुपालन शामिल हैं को सत्र 2023-24 में शैक्षणिक कार्यक्रमों मे जोड़ा गया है।
वर्ष 2020 में कुलपति प्रो राजेश सिंह के मार्गदर्शन में आईएएनएस की स्थापना की गई थी तथा स्नातक (बीएससी-एजी) एवं स्नातकोत्तर (एमएससी-एजी) प्रोग्राम को स्ववित्तपोषित सेल्फ मोड के तहत शुरू किया गया था। आईएएनएस का उद्देश्य राज्य और देश के समग्र कृषि विकास के लिए मानव संसाधन बनाने और विकसित करने के लिए कृषि और संबद्ध विज्ञान में उच्च शिक्षा प्रदान करना है।
वर्तमान में एमएससी (एजी) प्रोग्राम में बागवानीः कृषि विज्ञान, आनुवंशिकी और पादप प्रजनन, कृषि विस्तार, कृषि कीट विज्ञान एवं कृषि अर्थशास्त्र की उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान की जा रही है।
बीएससी (एजी) कार्यक्रम में बीस प्रतिशत सीटें उन विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं जिन्होंने बीएससी (गणित) या बीएससी (बायोलॉजी) में प्रवेश के लिए आवेदन किया हो तथा आवेदन पत्र में बीएससी (एजी) भी चुना हो। इस वर्ष भी इन सीटों पर प्रवेश केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को दिया जाएगा जिन्होंने आवेदन पत्र में बीएससी (एजी) का विकल्प भरा होगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि संस्थान के दो छात्र शीतल सिंह एवं विवेक कुमार को 'अर्बन प्लांट' संगठन में विकास अधिकारी के रूप में चयनित किया गया।
वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषि संस्थान द्वारा प्राकृतिक बाजरा के संरक्षण विपणन और खपत पर वर्कशॉप और बाजरा प्रदर्शनी, ईट राइट बाजरा मेला का आयोजन 24 मार्च 2023 किया गया। बाजरा की प्रमुख फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदर्शनी लगाई गई। मल्टीग्रेन आटा, मसाले, दालें, छोटी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना करने के लिए किसानों तथा अन्य स्टेकहोल्डर्स को प्रोत्साहित किया गया।












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