UP: तीन साल से कर रहे स्केटिंग, कई नेशनल चैंपियनशिप में कर चुके हैं प्रतिभाग, 6 साल के अर्थव का यह है सपना
Success Story Atharv Patel Gorakhpur: गोरखपुर के महादेव झारखण्डी के पवन विहार कॉलोनी के रहने वाले अथर्व छह साल की उम्र में ही अपनी पहचान बना चुके हैं। आज वह स्केटिंग खेल में कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इसके साथ ही वह गोरखपुर जिले के पहले गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ी हैं। उनके हौसले बुलंद हैं और अभी देख के लिए बहुत कुुछ करने की ललक उनके अंदर हैं।
तीन साल की उम्र से कर रहे स्केटिंग
अथर्व के पिता संतोष पटेल जो पेशे से एक शिक्षक हैं बताते हैं कि स्केटिंग खेल के प्रति अथर्व बचपन से आकर्षित था। उसने महज तीन साल से ही इसे शुरु कर दिया। पहले घर में फिर बाहर और अब राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अन्य प्रदेशों में प्रतिभाग कर रहा है।

जब मिला पहला गोल्ड
संतोष पटेल बताते हैं कि अथर्व को पहला गोल्ड मेडल उस समय मिला जब डीपीएस पब्लिक स्कूल गोरखपुर में आयोजित प्रतियोगिता में अथर्व ने प्रतिभाग किया। उसके बाद उसे जीडी गोयंका स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता में भी गोल्ड मिला।
हौसलों को मिली उड़ान
जब अथर्व ने स्थानीय स्तर पर गोल्ड मेडल पाना शुरु किया तो उसके हौसले और बुलंद हो गये। उसके कोच शनि जायसवाल ने उसे ट्रेंड करना शुरु किया। इसके बाद अथर्व ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
यह हैं उपलब्धियां
अथर्व ने रांची में आयोजित रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के पांच सौ मीटर रेस में दूसरी रैंक हासिल करते हुए सिल्वर मेडल प्राप्त किया था। इसी साल मोहाली में हुए राष्ट्रीय अंतर जनपदीय प्रतियोगिता में उसने जगह बनाई थी।
रुचि
अथर्व की माता माया पटेल बताती हैं कि यूकेजी के छात्र अथर्व पटेल सिर्फ स्केटिंग में ही नहीं पढ़ाई में भी अव्वल हैं। इसके साथ ही उनकी रुचि साइकिल चलाने में भी है। अथर्व बड़े होकर फाइटर पॉयलट बनाना चाहते हैं।
योगी जी से मिलना चाहते हैं अथर्व
अथर्व पटेल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहते हैं। मिलने की खास वजह भी है। वह इस खेल को बढ़ावा देने के लिए गोरखपुर में स्केटिंग ग्रांउड की मांग करना चाहते हैं। वह कहते हैं कि अभी इधर- उधर खेलना पड़ता है। कभी सड़कों पर तो कभी छत पर। ऐसे में गोरखपुर में एक स्केटिंग ग्रांउड का होना अनिवार्य हैं।












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