Indian Railway की इस खास पहल से असम से पंजाब ही नहीं बल्कि नेपाल की राह भी होगी आसान, जानिए क्या है योजना
Railway Update Gorakhpur: उत्तर प्रदेश सहित बिहार,असम व पंजाब के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर हैं। इस क्षेत्र के यात्रियों को वर्तमान से 15 प्रतिशत अधिक ट्रेनें यात्रा के लिए अब उपलब्ध हो सकेंगी। इतना ही नहीं नेपाल की यात्रा करने वाले को भी राहत मिलेगी। दरअसल, रेल मंत्रालय ने गोरखपुर कैंट- वाल्मीकिनगर ट्रैक के लिए दोहरीकरण के लिए 1269.8 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए हैं। जल्द ही इसका कार्य प्रारंभ हो जाएगा। यह कई प्रदेशों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।
गोरखपुर कैंट- बाल्मीकिनगर रेल खंड पंजाब से लेकर असम को जोड़ता है। इस मार्ग से पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत की आर्थिक विकास की गति कई गुना बढ़ जाएगी। मालगाड़ियों का आवागमन बढ़ जाएगा। इतना ही नहीं वाल्मीकिनगर नेपाल से नजदीक होने के कारण दोनों देशों के यात्रियों को राहत मिलेगी।

पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चंद्रवीर रमण ने बताया कि गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर (95.95 किमी.) खंड के दोहरीकरण का प्रस्ताव दो साल पहले भेजा गया था, अब मंजरी मिल गई है। गोरखपुर कैंट-वाल्मीकिनगर रेल खंड की लाइन क्षमता का 146 प्रतिशत उपयोग हो रहा है। दोहरीकरण परियोजना के पूरा होने पर उपयोग क्षमता में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी। मतलब अभी जो गाड़ियां चल रही हैं, उससे 15 प्रतिशत अधिक गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। दोहरीकरण के बाद सवारी गाड़ी व माल गाड़ियों की औसत गति में सुधार आएगा। वे पहले से कम समय में गंतव्य तक पहुंचेंगी।
महाप्रबंधक ने बताया कि इस परियोजना के लिए गंडक नदी पर 854 मीटर लंबा नया पुल बनेगा। इसके अलावा 16 बड़े एवं 38 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस खंड पर कुल 12 रेलवे स्टेशन हैं, जिसमें से गोरखपुर कैंट, उन्नौला, पिपराइच, बोदरवार, कप्तानगंज, घुघली, सिसवा बाजार, खड्डा, पनियहवा एवं बाल्मिकीनगर रोड क्राॅसिंग स्टेशन हैं। इसके अलावा महुअवा खुर्द व गुरली रामगढ़वा हाल्ट स्टेशन हैं। इन सभी स्टेशनों पर नए प्लेटफाॅर्म, फुट ओवरब्रिज, शेड आदि बनेंगे।












Click it and Unblock the Notifications