DDU University की बड़ी उपलब्धि, ‘स्पेस एंड प्लैनेटरी साइंसेज़' श्रेणी में भारत में 19वाँ स्थान
DDU University Gorakhpur News Hindi Uttar Pradesh: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी शोध उत्कृष्टता का परचम लहराते हुए Scimago Institutions Rankings (SIR) 2025 में एक उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग अनुसंधान की गुणवत्ता, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के आधार पर विश्वभर के विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों का निष्पक्ष मूल्यांकन करती है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय को इस वर्ष 'स्पेस एंड प्लैनेटरी साइंसेज़' (अंतरिक्ष एवं ग्रह विज्ञान) श्रेणी में भारत के कुल 34 चयनित संस्थानों में शामिल किया गया है, जिसमें इसे राष्ट्रीय स्तर पर 19वाँ स्थान मिला है। विशेष बात यह है कि यह उत्तर प्रदेश का एकमात्र राज्य विश्वविद्यालय है जिसे इस श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है।
यह सम्मान विश्वविद्यालय द्वारा अंतरिक्ष भौतिकी, ग्रहों के वातावरण, भूविज्ञान और पर्यावरण विज्ञान जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे गुणवत्तापरक अनुसंधान का परिणाम है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के शोध कार्य न केवल अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रहे हैं, बल्कि वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी नया आयाम दे रहे हैं।
क्या है Scimago Institutions Rankings
Scimago Institutions Rankings को स्पेन के SCImago Research Group द्वारा विकसित किया गया है और यह विश्वभर में अनुसंधान संस्थानों की एक अत्यंत विश्वसनीय और डेटा-आधारित मूल्यांकन प्रणाली मानी जाती है। यह संस्थानों का मूल्यांकन तीन मुख्य मापदंडों पर करता है:
अनुसंधान प्रदर्शन - उच्च गुणवत्ता वाले प्रकाशन, उद्धरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
नवाचार - पेटेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और अनुप्रयुक्त अनुसंधान
सामाजिक प्रभाव - डिजिटल उपस्थिति, शैक्षणिक पहुँच और समाज से संवाद
कुलपति प्रो. पूनम टंडन की प्रतिक्रिया
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा: "यह हमारे लिए अत्यंत गर्व विषय है कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को Scimago Institutions Rankings 2025 में 'स्पेस एंड प्लैनेटरी साइंसेज़' जैसी विशिष्ट श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में अकेले डीडीयूजीयू की उपस्थिति और राष्ट्रीय स्तर पर 19वाँ स्थान पाना, हमारे शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की सतत मेहनत और उत्कृष्टता का प्रतिफल है।"
शोध को बढ़ावा देने के लिए किए गए ठोस प्रयास
पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय ने अनुसंधान को प्रोत्साहन देने हेतु अनेक ठोस पहलें की हैं, जिनमें शामिल हैं:
पेटेंट प्रक्रिया में पूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय सहायता
One Nation One Subscription (ONOS), INFLIBNET और DELNET जैसी प्रणालियों के माध्यम से वैश्विक शोध संसाधनों तक सहज पहुँच
विद्यार्थियों की सक्रिय शोध भागीदारी को बढ़ावा
उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों के लिए प्रोत्साहन
पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और ग्रह विज्ञान जैसे क्षेत्रों में बहुविषयक शोध को समर्थन
यह उपलब्धि न केवल डीडीयूजीयू की अनुसंधान-केन्द्रित दृष्टि को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि विश्वविद्यालय वैश्विक ज्ञान जगत में एक निर्णायक भागीदार बनकर उभर रहा है












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