Chhath Puja 2023: उगते सूर्य को दिया गया अर्घ्य, मंगलकामना के साथ छठ महापर्व का हुआ समापन
Chhath Puja 2023: छठ महापर्व का आज यानी सोमवार को चौथा दिन है। प्रात:काल उगते सूर्य को अर्घ्य दिया गया और इसी साथ छठ पर्व का समापन हो गया। व्रती महिलाओं ने पति व पुत्र की लंबी आयु और परिवार की सुख समृद्धि की कामना के साथ ही अपना व्रत तोड़ा। सीएम सिटी गोरखपुर में इस पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सोमवार को छठ पूजा का आखिरी दिन रहा। सप्तमी तिथि छठ महापर्व का अंतिम दिन होता है। इस दिन प्रातः काल उगते सूर्य को जल दिया जाता है। इसी के साथ छठ पर्व का समापन होता है। छठ महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इसके बाद दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन को ऊषा अर्घ्य के नाम से जाना जाता है।

महिलाएं भोर में हाथों में कोसी लेकर ढोल-ताशा के साथ घाटों पर पहुंचीं। वहां अपनी बेदी में पूजन करने के बाद कमर भर जल के अंदर जाकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाओं ने मांग भराई कर अखंड सौभाग्य का आशीष लेकर ठेकुआ व खजूर खाकर और पानी पीकर व्रत खत्म किया। इस दौरान छठी मैया का जयकारा तथा गीत भी महिलाएं गाती रहीं।
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इस दौरान गोरखपुर के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। छठ पूजा के दौरान शादीशुदा महिलाओं ने सूरज को अर्घ्य देकर संस्कारवान और स्वस्थ संतान प्राप्ति के लिए भगवान राम और सूर्यदेव से प्रार्थना की। ऐसा माना जाता कि संतान प्राप्ति के लिए छठ पर्व का बड़ा महत्व है। कहते हैं इस व्रत से संतान सुख प्राप्त होता है।
महानगर के समस्त छठ घाटों श्री गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित भीम सरोवर, मानसरोवर मंदिर के घाट, राप्ती नदी के तट पर स्थित राजघाट एवं रामघाट राप्ती नदी,शंकरघाट तकिया, डोमिनगढ़, रामगढ़ ताल, दाउदपुर मंदिर पोखरा, महेसरा ताल, विष्णु मंदिर असुरन, खैरया पोखरा, नाथपुरम कॉलोनी शाहपुर में सूर्य को अर्घ्य अर्पण किया।












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