BRD Medical College Gorakhpur: देश के टॉप टेन में शामिल होने का कुछ यूं रहा सफर
गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज देश के टॉप टेन अस्पतालों में शामिल हुआ है। आइए एक नजर डालते हैं इसके अब तक के विकास यात्रा पर।

BRD Mediacl College Gorakhpur: बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज ने पूरे देश में एक बेहतर रैंकिंग प्राप्त की है। आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (आभा) रजिस्ट्रेशन के मामले में कॉलेज ने देश में आठवां स्थान प्राप्त किया है, जबकि जिला अस्पताल को नौवां स्थान मिला है। यह पहली बार है जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी छलांग लगाई है। लेकिन अगर हम इसके शुरुआती दिनों की बात करें तो यह बदहाली का शिकार था। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद छह सालों में इस कॉलेज ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज यह कई अत्ययाधुनिक सुविधाओं से युक्त हो चुका है। आइए, एक नजर डालते हैं इसकी अब तक की यात्रा पर।
कौन हैं बाबा राघव दास इस मेडिकल कॉलेज का नाम जिसके नाम पर पड़ा है वह प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ ही महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। बाबा राघव दास मूलरुप से महाराष्ट्र के रहने वाले थे जिनका जन्म 12 दिसंबर, 1896 में हुआ था। उन्होंने गोरखपुर मंडल के जिले देवरिया के बरहज में अपनी साधना स्थली बनायी थी। बचपन में उनका नाम राघवेंद्र था। राघव दास नाम महात्मा गांधी ने इन्हें दिया था।

इस दिन हुई थी स्थापना बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना 1972 में हुई थी। पहले यह गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध था। उस समय यह मच्छर जनित बीमारियों के जांच के लिए एक सेंटर था। धीरे- धीरे इसे कॉलेज रुप दिया जाना शुरु किया गया। नेपाल, बिहार सहित पूर्वांचल के कई जिलों के मरीजों की संख्या बढ़ती गयी। यह एक बड़े केन्द्र के रुप में हो गया। लेकिन यहां न तो सुविधाएं बढ़ी और ना ही व्यवस्थाओं में कोई सुधार हुआ। जैसे- तैसे बस चलता रहा।
सीएम योगी ने किया संघर्ष मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे तब उन्होंने यहां के विकास और व्यवस्था को सुधारने के लिए सड़क से संसद तक कई बार आवाज उठाई लेकिन कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। लेकिन उनका प्रयास व मेडिकल कॉलेज को उत्तम स्वास्थ्य केंद्र बनाने का उनका संघर्ष जारी रहा ।

सीएम के प्रयासों से बदली सूरत योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कई बड़े परिवर्तन देखने को मिले। यहां की व्यवस्था बदली और विकास ने तेज गति पकड़ी। वहीं, 2017 के बाद से ही मरीजों के इलाज के तमाम आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं का लाभ दिया जा रहा है। पूर्वांचल की बड़ी-बड़ी बीमारियों के रिसर्च के लिए आरएमआरसी लैब की स्थापना हुई तो 500 बेड के सुपर स्पेशिएलिटी हाॅस्पिटल में आधुनिक इलाज की सुविधा उपलब्ध है। बड़ी से बड़ी बीमारियों से निपटने की पूरी व्यवस्था मौजूद है।
नेपाल- बिहार के भी आते हैं मरीज बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सिर्फ गोरखपुर के मरीजों का ही इलाज नहीं किया जाता है बल्कि गोरखपुर, बस्ती सहित पूर्वांचल के कई जिलों के मरीज यहां उपचार कराने आते हैं। इसके साथ ही नेपाल व बिहार से भी मरीज यहां आते हैं। आंकडों पर नजर डाले तो यहां प्रतिवर्ष 60 से 65 हजार मरीज आते हैं।
अब मिल रही यह सुविधाएं वर्मतान समय में बीआरडी मेडिकल कॉलेज कई नए कोर्स छात्रों को उपलब्ध करा रहा है। दूर- दूर के छात्र आज यहां चिकित्सा के क्षेत्र कें नए- नए शोध कर रहे हैं। वर्तमान में 150 सीटों पर एमबीबीएस की पढ़ाई हो रही है। बीफार्मा और बीएससी नर्सिंग के लिए भी पढ़ाई शुरू हो चुकी है। पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी कराए जा रहे हैं। 500 बेड का सुपर स्पेशिएलिटी इलाज की आधुनिक सुविधाओं से लैस है। पूरी तरहआधुनिकता के साथ ओपोडी रजिस्ट्रेशन काउंटर मरीजों को सुविधा दे रहा है। रैन बसेरा, बर्न यूनिट व लेबर काम्प्लेक्स भी मरीजों को राहत दे रहे हैं।

इन विभागों में मिल रहा इलाज बीआडी में कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, सर्जिकल ऑकोलोजी, यूरोलॉजी, सात मॉड्यूलर ओटी,न्यूरो सर्जरी, कैंसर सर्जरी, स्पाइन सर्जरी, कैथ लैब मरीजों को उत्तम सेवा प्रदान कर रहे हैं।
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देश के टॉप 10 अस्पतालों में स्कैन कर पर्चा बनाने वाले अस्पताल की लिस्ट देश में जहां प्रयागराज के तेज बहादुर सप्रू हॉस्पिटल को पहला स्थान मिला हैं वहीं गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज को आठवां व जिला अस्पताल को नौवां स्थान मिला।












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