Gorakhpur AIIMS ने कैंसर रोकथाम के लिए की खास पहल, निदेशक ने की यह अपील
AIIMS Gorakhpur Latest News Hindi Uttar Pradesh: गोरखपुर एम्स सिर्फ पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार और नेपाल के मरीजों के लिए प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में एम्स द्वारा मरीजों के लिए कई पहल किए का रहे हैं। इसी क्रम में एम्स ने कैंसर मरीजों के लिए खास पहल की है। खासतौर पर महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल (गर्भाशय-मुख) कैंसर के लिए।
इस चुनौती से निपटने के लिए एम्स गोरखपुर ने खास योजना पर काम करना शुरू किया है। यहां प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा गोरखपुर के 8 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में नियमित शिविरों के माध्यम से एचपीवी परीक्षण कर महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की पहचान की जा रही है। अब तक 1200 से अधिक महिलाओं की निःशुल्क जांच की जा चुकी है।

पिछले चार महीनों में ब्रह्मपुर, कैम्पियरगंज, बांसगांव, सरदारनगर और खोराबार जैसे आकांक्षी ब्लॉकों में शनिवार को जनजागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में आशा, संगिनी, स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ नर्सिंग व एएनएम छात्राओं को कैंसर के लक्षण, स्क्रीनिंग की उपयोगिता और 9-14 वर्ष की बालिकाओं में एचपीवी टीकाकरण के लिए प्रेरित किया गया।
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि संस्थान सर्वाइकल, ओरल (मुख) और ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम एवं स्क्रीनिंग के लिए एक "समग्र कैंसर रोकथाम एवं स्क्रीनिंग इकाई" स्थापित करने जा रहा है। इस इकाई में सामुदायिक चिकित्सा, ईएनटी, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग सहित अन्य विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही एक कैंसर रजिस्ट्री स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसका उद्देश्य कैंसर से संबंधित डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण कर कैंसर प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं को और अधिक सुदृढ़ एवं उन्नत बनाना है।
डॉ. दत्ता ने इस अवसर पर कैंसर से मृत्यु दर को कम करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज के हर वर्ग तक पहुँचने चाहिएं।












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