Gorakhpur News: सीएम के आदेश के बाद भी नशे के कारोबारीयों पर नहीं हो रही कार्रवाई
गोरखपुर,28 अगस्त:एक तरफ सीएम योगी जहां नशे के कारोबारियों पर सख्त दिख रहे हैं तो वही दूसरी तरफ उनके अधिकारी माफियाओं पर काफी नरमी बरतते दिख रहे हैँ। नशीली दवाओं की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद भी इसके कारोबारी खुली हवा मे
गोरखपुर,28 अगस्त: एक तरफ सीएम योगी जहां नशे के कारोबारियों पर सख्त दिख रहे हैं तो वही दूसरी तरफ उनके अधिकारी माफियाओं पर काफी नरमी बरतते दिख रहे हैँ। नशीली दवाओं की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद भी इसके कारोबारी खुली हवा में घूम रहे हैँ।ड्रग विभाग इस पूरे मामले में पूरी घटना का लीपा-पोती करते दिख रहा है।

गोरखपुर ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह का कहना है, उन्हें यह पता ही नहीं है कि गोरखपुर में फेंसिडिल के कितने स्टाकिस्ट हैं और कौन-कौन व्यापारी नशे के इस सिरप का कारोबार करता है। हालांकि इस मामले के खुलासे के बाद लगातार फेंसिडिल स्टाकिस्टों के नाम भी मीडिया में प्रकाशित हो रहे हैं। बावजूद इसके ड्रग डिपार्टमेंट इस मामले के 22 दिन बाद भी फेंसिडिल स्टाकिस्टों की जानकारी तक नहीं जुटा सका।
ड्रग विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अब तक जो बिक्री का डाटा सामने आया है, उसमें कुशीनगर के पडरौना और सिद्धार्थनगर जिले के व्यापारियों को सबसे अधिक नारकोटिक्स की दवाईयां बेची गई हैं। इनमें एस कफ सिरप के अलावा पाइवान स्पॉश काफी अधिक मात्रा में शामिल है।
अब विभाग पडरौना और सिद्धार्थनगर के दोनों व्यापारियों की बाकी दवाईयों की बिक्री का रिकार्ड खंगाल रहा है। विभाग यह जानना चाह रहा है कि इन दुकानों पर खरीदी जाने वाली दवाईयों में 70 फीसदी से अधिक सिर्फ नारकोटिक्स की दवाईयां ही है।
गोरखपुर के डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि ड्रग माफियाओं के खिलाफ बड़े अभियान की शुरूआत कर दी गई है। इसमें पुलिस, ड्रग विभाग, आबकारी और प्रशासन की संयुक्त टीम काम कर रही है। नशीली दवाईयों के कारोबारियों के खिलाफ जांच चल रही है। नशे के सौदागरों की पूरी संपत्ति जब्त कराई जाएगी और उनपर एनएसए के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।












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