कोई 76, तो कोई 77 वोटों के अंतर से जीता गोवा में चुनाव, ऐसे सीटों की लिस्ट जहां हारते-हारते बचे BJP नेता
कोई 76, तो कोई 77 वोटों के अंतर से जीता गोवा में चुनाव, ऐसे सीटों की लिस्ट जहां हारते-हारते बचे BJP नेता
पणजी, 11 मार्च: गोवा विधानसभा चुनावों के नतीजों में बीजेपी 40 में से 20 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। वहीं कांग्रेस को 10 सीटें मिली हैं। गोवा के चुनाव में कई 10 ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं, जहां जीत का अंतर 76 से 716 वोटों के बीच रहा। चुनाव आयोग ने ये आंकड़े जारी किए हैं। तटीय राज्य के इन दो निर्वाचन क्षेत्रों में जीत का अंतर 100 वोटों के अंतर से भी कम रहा है। कई ऐसी सीटें हैं, जहां बीजेपी के नेता हारते-हारते बचे हैं। गोवा में 14 फरवरी 2022 को एक ही चरण में चुनाव हुए थे, जिसके परिणाम 10 मार्च 2022 को आए।

76 वोटों से हार गए BJP नेता
1. 76 का सबसे कम जीत का अंतर उत्तरी गोवा के सेंट आंद्रे निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज किया गया था। इस सीट पर एक नए राजनीतिक संगठन रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी (आरजीपी) ने भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा विधायक फ्रांसिस सिलवीरा को 76 वोटों से हराया है। इस मुकाबले में आरजीपी प्रत्याशी वीरेश बोरकर ने जीत हासिल की।
2. वहीं पोंडा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के रवि नाइक और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी) के उम्मीदवार डॉ केतन भाटीकर के बीच कड़ी टक्कर देखी गई। जहां शुरुआती नतीजों में डॉ भाटीकर को विजेता घोषित किया गया था लेकिन वोटों की गिनती खत्म होने पर पूरा बाजी पलट गई। भाजपा के रवि नाइक ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 77 वोट अधिक हासिल करके चुनावी लड़ाई जीती।

इस सीट पर 169 वोटों से हारे कांग्रेस नेता
3. दक्षिण गोवा में वेलिम निर्वाचन क्षेत्र में भी एक करीबी मुकाबला देखा गया। इस सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार क्रूज सिल्वा ने कांग्रेस के सावियो डी सिल्वा को 169 वोटों से हराया।
4. दक्षिण गोवा के प्रियोल निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार गोविंद गौडे ने एमजीपी अध्यक्ष और पार्टी उम्मीदवार दीपक धवलीकर को सिर्फ 213 मतों के अंतर से हराया।

प्रमोद सावंत भी कम वोटों के अंतर से जीते
5. भाजपा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत शुरुआती दौर की मतगणना में पीछे दिख रहे थे, लेकिन दूसरे और तीसरे दौर में अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार धर्मेश सागलानी को सांकेलिम निर्वाचन क्षेत्र में 666 मतों के अंतर से हराया। जीत के कम अंतर के बारे में बोलते हुए, प्रमोद सावंत ने बाद में कहा कि यह उनके लिए चिंता का विषय था और वह इस पर आत्मनिरीक्षण करेंगे।
6. पणजी निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अतानासियो मोनसेराटे और गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर के बेटे और निर्दलीय उम्मीदवार उत्पल पर्रिकर के बीच करीबी मुकाबला था। भाजपा उम्मीदवार अतानासियो मोनसेराटे उत्पल पर्रिकर से सिर्फ 716 वोटों के अंतर से जीते हैं।
मोनसेराटे ने कहा कि वह अपनी जीत के अंतर से खुश नहीं हैं और उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं पर उन्हें पार्टी में स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया। पणजी से भाजपा द्वारा उन्हें टिकट देने से इनकार करने के बाद पर्रिकर ने निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया था।

इन सीटों पर भी फंस सकता था मामला?
7. विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर, जो बिचोलिम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार थे, निर्दलीय उम्मीदवार डॉ चंद्रकांत शेट्टी से 318 मतों से हार गए हैं।
हालांकि जीत जाने के बाद शेट्टी ने तुरंत बीजेपी को अपना समर्थन दिया है।
8. दक्षिण गोवा के कुरचोरम निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार अमित पाटकर के खिलाफ बिजली मंत्री और भाजपा उम्मीदवार नीलेश कैबराल ने 672 मतों से जीत हासिल की है।
9. वहीं दो नए चेहरे अरोलकर (एमजीपी) और उल्हास तुएनकर (भाजपा) ने भी अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ बहुत कम अंतर से जीत दर्ज की है। मंड्रेम सीट पर अरोलकर ने भाजपा उम्मीदवार दयानंद सोपटे को 715 मतों से हराया हैं।
10. वहीं उल्हास तुएनकर (भाजपा) ने नावेलिम निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार वलंका अलेमाओ को 430 मतों से हराया।












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