गाजीपुर: सांप को चूहा समझना पड़ा भारी, एक गलती के चलते चली गई जान

गाजीपुर में सांप काटने के बाद भी उसे चूहा समझकर इग्नोर करना एक युवक को भारी पड़ गया, परिजन उसका इलाज करवाने की बजाय झाड़-फूंक कराने लेकर चले गए जहां उसकी मौत हो गई

गाजीपुर, 29 अगस्त : कभी-कभी लोग समझकर कर भी ना समझी कर जाते हैं, ऐसे में बड़ी घटना हो जाती है। ऐसा ही एक मामला गाजीपुर से सामने आया है। गाजीपुर में खेत में काम कर रहे एक युवक को सांप ने डस लिया। सांप के डसने के बाद युवक उसे चूहा समझकर इग्नोर कर दिया। इसके बाद वह काफी देर तक खेत में काम करता रहा और काम पूरा करने के बाद जब वह घर पहुंचा तो एकाएक अचेत हो गया। युवक के अचेत होने के बाद जब उसके परिजनों को पता चला कि उसे सांप ने काटा है तो परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने चले गए। ऐसे में समय पर उपचार न होने के चलते युवक की मौत हो गई। मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

Ghazipur snake rat khanpur news

परिजनों ने भी गलती दोहराई जिससे हो गई मौत
खानपुर क्षेत्र के बैरहिया गांव निवासी 19 वर्षीय ओंकार बिंद नामक युवक रविवार को अपने खेत में काम करने गया था पुलिस का काम करने के दौरान उसे सांप ने डस लिया। लोगों की माने तो सांप डसने के बाद ओंकार को लगा कि चूहा या किसी अन्य जानवर ने उसे काटा है। इस बात को इग्नोर करके वह खेत में काम करता रहा। काफी देर तक वह खेत में काम किया और उसके बाद फिर घर वापस लौट गया। घर पहुंचकर वह खाना खाने जा रहा था उसी समय अचेत हो गया। ऐसे में उसके परिजन उसे झाड़-फूंक कराने के लिए लेकर चले गए जहां उसकी मौत हो गई। मृत युवक इंटर में पढ़ाई कर रहा था और दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई सतीश दूसरे राज्य में नौकरी करता है। मौत के चलते उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

लापरवाही और अंधविश्वास के चलते हर साल होती है सैकड़ों मौतें
गाजीपुर ही नहीं पूरे पूर्वांचल में ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर लोगों द्वारा सांप काटने के बाद झाड़-फूंक कराके ठीक किए जाने पर अधिक विश्वास किया जाता है। कई ऐसे मामले देखे जाते हैं जिसमें झाड़-फूंक के दौरान ही युवक की मौत हो जाती है या फिर झाड़-फूंक कराने में अधिक समय गुजर जाने के चलते अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर भी उसकी जान नहीं बचा पाते हैं। सरकार द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य सभी सरकारी अस्पतालों में सांप काटने का इलाज किया जाता है। ऐसे में सांप काटने के बाद यदि तत्काल इलाज प्रारंभ किया जाए तो लोगों की जान बच सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि पूर्वांचल में हर साल सैकड़ों लोगों की मौत अंधविश्वास के चलते ही हो जाती है।

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