गाजीपुर बस हादसा: अब तक कितने लोगों की गई जान?, अधिकारियों पर भी कार्रवाई, एक की नौकरी खत्म
गाजीपुर बस हादसा: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में सोमवार को 50 बारातियों से भरी बस में हाई टेंशन तार सट गया। तार सटने के चलते बस में आग लग गई। बस सवार सभी लोग मऊ जनपद के रानीपुर थाना क्षेत्र के थे और गाजीपुर में मंदिर पर शादी समारोह में शामिल होने आए थे।
प्रथम दृश्यता यह बात सामने आई है कि बिजली के 11000 बोल्ट के तार लटक रहे थे जिससे जलते यह हादसा हुआ। इस मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली मंत्री द्वारा तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया तथा एक की सेवा समाप्त कर दी गई है।

घटना की जानकारी होने के बाद देर शाम विद्युत मंत्री एके शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने जांच पड़ताल के दौरान विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया। ऐसे में तत्काल उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की।
जारी सूचना में बताया गया कि अधिशासी अभियंता मनीष, एसडीओ संतोष चौधरी और जेई प्रदीप कुमार राय को निलंबित कर दिया गया है तथा संविदा कर्मी लाइनमैन नरेंद्र की सेवा समाप्त कर दी गई है।
मरने वाले पांच लोगों की हुई पहचान
इस हादसे में खिरिया गांव की रहने वाली उर्मिला, कालिंदी और निर्मला तथा अकबरपुर के रहने वाले जगन्नाथ और पिरुआ गांव के रहने वाले मुराही की देर शाम पहचान हुई। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।
इसके अलावा हादसे में 10 लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार चल रहा है। हादसे की जानकारी होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हादसे में करने वाले लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये तथा घायल लोगों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपए देने का ऐलान किया गया।
वहीं इस बारे में दुल्हन के पिता नंदू पासवान द्वारा मीडिया को बताया गया कि बस में करीब 50 लोग सवार थे। कितने लोगों की मौत हुई है अभी इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग जल गए हैं जिनकी पहचान नहीं हो पा रही है। बारात में शामिल जो लोग अभी तक नहीं मिले हैं, उनके बारे में भी जानकारी जुटा जा रही है।












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