अफगानिस्तान से हजारों लीटर बीयर वापस लाएगी जर्मन सेना

बर्लिन, 07 जून। जर्मन सेना 65 हजार से ज्यादा बीयर कैन अफगानिस्तान से वापस जर्मनी ले जाने वाली है. जर्मनी की एक पत्रिका डेर श्पीगल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 20 हजार लीटर बीयर और वाइन की 340 बोतलें वापस लानी होंगी. इसके अलावा शैंडी (फ्लेवर्ड बीयर) भी है, लेकिन उसकी मात्रा का पता नहीं है.

Provided by Deutsche Welle

कमांडर अंसगर मेयेर ने जर्मन सैनिकों पर अफगानिस्तान में शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि जर्मनी के सैनिक अब वहां से वापसी के आखिरी चरण में हैं. डेर श्पीगल की रिपोर्ट कहती है कि उस इलाके पर संभावित हमलों के खतरे को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया है. जर्मन सेना पर स्थानीय सैनिकों को शराब बेचने पर भी पाबंदी है जिसके पीछे धार्मिक और कानूनी कारण हैं.

बाकी नाटो देशों की सेना के साथ ही जर्मन सेना के भी इस साल 11 सितंबर तक अफगानिस्तान छोड़ देने की संभावना है. अमेरिका के बाद जर्मनी ने सबसे ज्यादा सैनिक इस अभियान के लिए भेजे थे. अब तक का जर्मनी की सेना का यह सबसे बड़ा और सबसे महंगा अभियान रहा है. जर्मन अखबार बिल्ड ने कहा कि सेना काबुल से 3,00 किलोमीटर उत्तर में स्थित मजार ए शरीफ में अपने कुछ उपकरण छोड़कर आएगी.

मजार ए शरीफ में लगभग एक हजार जर्मन हैं. चूंकि वे वापसी की तैयारी कर रहे हैं और इस दौरान उन्हें ज्यादा चौकस रहने को कहा गया है. इसीलिए कमांडरों ने शराब पीने पर भी पाबंदी लगा दी है.

जर्मन सेना और बीयर का नाता

जर्मन सेना का अफगानिस्तान में बीयर से नाता काफी पुराना है. 2008 में अफगानिस्तान में तैनात जर्मन टुकड़ी उस वक्त सुर्खियों में आ गई थी जब उसके पास दस लाख लीटर बीयर और 70 हजार लीटर वाइन पहुंचने की खबरें आई थीं. जर्मन लोग तब हैरान रह गए थे जब सेना ने बताया था कि 2007 में सैनिकों को इतनी शराब भेजी गई थी. जर्मन मीडिया ने लिखा था कि इस हिसाब से हर जर्मन सैनिक एक साल में औसतन 278 लीटर बीयर 128 गिलास वाइन पी रहा था.

विभिन्न सेनाओं की विदेशी मिशन के दौरान शराब पीने को लेकर नीति अलग-अलग रहती है. अमेरिका में सैनिकों आमतौर पर विदेशी मिशनों में शराब पीने की इजाजत नहीं होती जबकि ब्रिटिश और अन्य सेनाएं जवानों को ड्यूटी पर न होने के दौरान थोड़ी मात्रा में शराब पीने की इजाजत देती हैं.

कब तक होगी सेनाओं की वापसी

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनाल्ड ट्रंप और तालिबान के बीच पिछले साल हुए एक समझौते के तहत अमेरिकी सेना की वापसी शुरू हो गई है और इसके 11 सितंबर तक पूरा हो जाने की संभावना है. समझौते के तहत तालिबान ने अमेरिका और नाटो बलों पर हमला नहीं करने का वादा किया था लेकिन एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक तालिबान ने उसे इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वे वापसी करने वाले अमेरिकी और नाटो बलों पर हमला करेंगे. तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने कहा था, "यह समय से पहले है और भविष्य के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है."

Source: DW

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+