वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2019: महात्मा मंदिर में नहीं मिलेगी शराब, देंगे 200 तरह के पकवान
Gujarat News, गांधीनगर। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2019 के लिए जुटने वाले लोगों के लिए महात्मा मंदिर में भी व्यवस्थाएं की गई हैं। हालांकि, यहां न तो देशी और न ही विदेशी डेलिगेट्स को शराब (मदिरा) मिल पाएगी। इसके बजाए यहां 200 से ज्यादा तरह के गुजराती एवं भारतीय पकवान मिलेंगे। मंदिर कैंपस में 3 दिन तक चाय, कॉफी के साथ ब्रेकफास्ट मिलेगा। इसके बाद लंच और फिर डिनर की व्यवस्था की गई है।

ऐसी हैं व्यवस्था
महात्मा मंदिर के परिसर में चाय और कॉफी के लिये 25 से ज्यादा काउन्टर खड़े किए गए हैं। लंच-डिनर के लिये 5 से ज्यादा डोम बनाये गये हैं। वेलकम ड्रिंक में फ्रूट जूस, बटरमिल्क और लाइम वॉटर दिया जाएगा। भोजन के स्टार्टर में गुजराती नास्ता जैसे कि समोसा, खमण, इडली, ढोंकला जलेबी, फाफडा रखा जाएगा। समिट के दौरान सब से ज्यादा फुड गुजराती होंगे। भोजन में सलाद, थेपलां, चटनी, फरसान, गेहूं, मक्का और बाजरा की रोटी, विभिन्न सब्जियां और गुजरात की विभिन्न चावल की किस्में दी जाएंगी।
गांधीनगर में आये हुए डिलिगेट्स और बिजनेस प्रतिनिधि मंडल को गुजराती भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, इसके साथ भारतीय व्यंजन भी पेश किए जाएंगे। विदेशी मेहमानों के लिए स्पेशल सेफ भी बुलाये गये हैं। गौरतलब है कि महात्मा मंदिर में नॉन-वेज फूड पर अबतक पाबंदी लगा रखी है। इन्डेक-बी के एक अफसर का कहना है कि भारत के विभिन्न राज्यों से प्रसिद्ध फूड भी परोसे जायेंगे, क्योंकि देश के 9 राज्यों से भी बिजनेस डेलिगेशन और वीवीआइपी लोग समिट में हिस्सा लेने आ रहे हैं। खास तौर पर गुजराती भोजन परोसा जाएगा।

अहमदाबाद और गांधीनगर के फाइवस्टार होटलों में जहां देश-विदेश के डेलिगेट्स ठहरने वाले हैं, वहां उनको पसंद के मुताबिक, परमीट का शराब उपलब्ध किया जायेगा। विदेशी डेलिगेट्स को पांच सितारा होटलों में एकोमोडेशन दिया जा रहा है, जहां परमिट का शराब भी मिल सकता है। फाइव स्टार होटलों के मेन्यू में भी बदलाव किए गए हैं। मेहमानों को चाय और कॉफी के साथ-साथ विभिन्न फलों के रस दिए जाएंगे। चाय और कॉफी की कई किस्मों को रखा गया है। ग्रीन टी, मसाला चाय और एक नींबू चाय भी मिलेगी।












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