गुजराती व्यापारियों ने GST को दिखाया ठेंगा, सौंफ के बिल बनाकर ट्रकों से ढोया जीरा, यूं किया घपला

gujarat news, गांधीनगर। उत्तर गुजरात में उंझा के कई व्यापारियों ने जीरे की जगह सौंफ़ का माल ट्रकों में लोड करके जीएसटी (Goods and service tax) की चोरी की। माल एवं सेवा कर के अधिकारियों ने इन व्यापारियों का घपला पकड़ लिया, जिसमें टैक्स चोरी का आंकड़ा 1.90 करोड़ का बैठा। जांच में यह भी सामने आया कि बेस्ट क्वालिटी के जीरे को ट्रकों में भरा था, लेकिन इन व्यापारियों ने लो क्वालिटी की सौंफ़ के बिल बनाए थे।

उंझा में जीरा व्यापारियों ने की 1.90 करोड़ की टैक्स चोरी

उंझा में जीरा व्यापारियों ने की 1.90 करोड़ की टैक्स चोरी

माल एवं सेवा कर के अधिकारियों द्वारा मारे गए छापे के बाद कई बातें उजागर हुईं। अधिकारियों ने पाया कि उंझा के ये व्यापारी राजनेताओं की शह से ऐसे घपले कर रहे थे। जीरे की निम्न गुणवत्ता का दाम प्रति 20 किलोग्राम 2800 रुपये है और उत्तम गुणवत्ता के दाम 3200 रुपये हैं। वहीं, सौंफ़ की निम्न गुणवत्ता के दाम प्रति 20 किलोग्राम 500 रुपये हैं और मध्यम गुणवत्ता वाले सौंफ़ का दाम 1300 से 1400 रुपये हैं। अगर, इस आंकड़े को 1000 किलोग्राम के हिसाब से देखा जाय तो दोनों के बीच 8000 रुपये का फासला है। माल और सेवा कर के अधिकारी ने बताया कि 400 क्विंटल के ज्यादा माल में हेरा-फेरी हुई है।

तंबाकू पर भी बडी टैक्स चोरी सामने आ रही

तंबाकू पर भी बडी टैक्स चोरी सामने आ रही

इतना ही नहीं, अब जीरे की तरह तंबाकू में भी बडी टैक्स चोरी सामने आ रही है। तंबाकू में 28 प्रतिशत का जीएसटी है, लेकिन टैक्स 45 प्रतिशत तक पहुंच जाता है। इनके अलावा, व्यापारियों ने एक ई-वे बिल पर तीन से चार बार माल का हस्तांतरण कर के गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट ली है। माल कर के इस गोटाले में पांच लाख रूपये का सामान लोड कर लिया था औऱ केवल एक लाख रुपये के बिल बने थे।

व्यापारियों ने कंप्यूटर से डेटा हटा लिए, जांच दल करेगा रिकवर

व्यापारियों ने कंप्यूटर से डेटा हटा लिए, जांच दल करेगा रिकवर

जीएसटी विभाग का कहना है कि उंझा की कार्यवाई अभी जारी है। अब तक अधिकारियों ने 1.90 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकडी है। पहले दिन 64 लाख, दूसरे दिन 82 लाख और तिसरे दिन 44 लाख रुपये की चोरी पकडी गई। उंझा में छापेमारी के दायरे में आये 39 व्यापारिओं में से 10 व्यापारी के कंप्यूटर, लैपटोप औऱ 14 मोबाइल फोन जप्त किये गये हैं। व्यापारियों ने कंप्यूटर से अगर डेटा हटा दिये हैं तो उनको वापस लाने की कार्यवाई शुरू की गई है। इस काम के लिये आईटी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

कार्रवाई में इंस्पेक्टर आरके पटेल की हालत बिगड़ी

कार्रवाई में इंस्पेक्टर आरके पटेल की हालत बिगड़ी

उंझा में जीरे के व्यापारियों पर छापेमारी करते समय संयुक्त आयुक्त के कार्यालय में काम कर रहे इंस्पेक्टर आरके पटेल अस्वस्थ हो गये थे। उनको अम्लता के कारण थकान महसूस हो रही थी, जिसके बाद अन्य कर्मियों ने उन्हें फर्स्ट एड दिया। तबियत ज्यादा बिगडने के बाद उनको महेसाणा अस्पताल में ले जाया गया था। अस्पताल पहुंचते ही उनकी मौत हो गई।

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