गुजरात: लोकसभा चुनाव में 13 सांसदों के टिकट काट सकती है भाजपा, नए चेहरों को देगी मौका
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात भाजपा ने लोकसभा के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन टिकट बंटवारे के मामले में कई ऐसे सांसद हैं जिनसे पार्टी इस बार कन्नी काट लेगी। जानकारों के अनुसार, बेहतर प्रदर्शन के लिये भाजपा उन सांसदों को फिर से टिकट देना नहीं चाहती, जो अपने क्षेत्र से बाहर हो चुके हैं। गुजरात भाजपा पार्टी के अंदरूनी मामलों के लिये बेहद सतर्क है।
आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो गुजरात की 13 सीटों में से 7 ऐसी हैं, जिनमें सांसदों की निष्क्रियता सामने आई है। माना जा रहा है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आड़वाणी इस बार गांधीनगर सीट से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। भाजपा को गांधीनगर सीट में एक नया उम्मीदवार तलाशना होगा, जो बाहरी भी हो सकता है।

7 सांसदों ने 4 साल बाद भी अपना निर्वाचन क्षेत्र नहीं देखा
पिछले चुनाव में 26 बीजेपी सांसद जो नरेंद्र मोदी के प्रभाव से जीते, उनमें से 7 सांसदों ने 4 साल बाद भी अपना निर्वाचन क्षेत्र नहीं देखा है। जो लोग काफी निष्क्रिय हैं, उनमें पहला नाम सुरेन्द्रनगर के सांसद देवजी फतेपरा का सामने आ रहा है। दूसरी तरफ, पोरबंदर के सांसद विट्ठल रादडिया और पाटन के लीलाधर वाघेला हैं, जो कई महिनों से बीमार हैं। उनको बदलने का मुख्य कारण उनका खराब स्वास्थ्य है।

पार्टी अपने 50 प्रतिशत कैन्डिडेट बदलेगी?
लोकसभा चुनावों में भाजपा के मौजूदा सांसदों में से 6 नाम ऐसे हैं, जिनकी कोई आवाज़ नहीं है। अन्य 7 नाम ऐसे हैं कि पार्टी उन्हें फिर से टिकट देने के बारे में सोच सकती है, लेकिन 13 सांसद को फिर से टिकट मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। गांधीनगर के भाजपा के मुख्य कार्यालय कमलम में लोकसभा के प्रभारी ओम माथुर के साथ गुजरात प्रदेश के नेताओं की बैठकें हो रही है जिसमें ऐसा तय हो रहा है कि इस बार पार्टी अपने 50 प्रतिशत कैन्डिडेट बदल सकती है।

जानिए, बीजेपी किन सांसदों को फिर से टिकट दे सकती है:
1. बनासकांठा- हरिभाई चौधरी, जो कि मोदी की गुडबुक में हैं
2. अहमदाबाद ईस्ट - परेश रावल - लोकप्रिय फिल्मकार
3. राजकोट - मोहन कुंडारिया - केंद्रीय नेताओं के साथ अच्छे रिलेशन हैं
4. जामनगर- पूनम माडम - स्थानीय प्रदर्शन अच्छा है
5. दाहोद- जशवंतसिंह भाभर - मोदी की गुडबुक में हैं
6. साबरकांठा- दीपसिंह राठौड़ - कार्य पद्धति अच्छी है, डाउन टु अर्थ नेता हैं

जिनकी संसदीय टिकट काट सकती है बीजेपी:
1. कच्छ - विनोद चावड़ा - प्रदर्शन खराब
2. पाटन - लीलाधर वाघेला - स्वास्थ्य बुरा है और पार्टी विरोधी रवैया है
3. मेहसाणा- जयश्रीबेन पटेल- एन्टी इंकमबंसी फैक्टर औऱ प्रदर्शन खराब है
4. गांधीनगर - लालकृष्ण आडवाणी - उम्र की सीमा होगी
5. अहमदाबाद वेस्ट - किरीट सोलंकी - एंटी-इनकम बंसी फैक्टर
6. सुरेंद्रनगर- देवजी फतेपरा - कुछ मामलों में फंसे हुए हैं
7. पोरबंदर- विठ्ठल रादडिया- खराब स्वास्थ्य मुख्य कारण है
8. अमरेली - नारण काछडिया - क्षेत्र के लिए तेजी से काम नहीं कर रहे
9. भावनगर- भारतीबेन शियाल - एक नए उम्मीदवार को मौका देने का विचार
10. आनंद - दिलीप पटेल - नए उम्मीदवार को मौका देने की तैयारी
11. पंचमहल - प्रभातसिंह चौहान - रवैया अच्छा नहीं, बगावती तेवर हैं
12. छोटा उदेपुर- रामसिंह राठवा- अच्छा प्रदर्शन नहीं है
13. बारडोली- प्रभु वसावा- पार्टी उम्मीदवार बदलना चाहती है

जो सांसद खतरे में है और टिकट मिल भी सकती है...
1. सूरत - दर्शना जरदोष - उम्मीदवार अच्छा है, लेकिन पार्टी नया चेहरा ढूंढती है
2. नवसारी - सीआर पाटिल - स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ रहा है, पर मोदी की गुडबुक में
3. वलसाड - केसी पटेल - खराब प्रदर्शन के कारण हिट लिस्ट में है
4. वडोदरा- रंजन भट्ट- पार्टी नए उम्मीदवार की तलाश कर रही है
5. खेड़ा - देवूसिंह चौहान - कांग्रेस उम्मीदवार के सामने टिक नहीं सकते
6. भरूच - मनसुख वसावा - हाईकमान की नज़र में हैं, लेकिन प्रदर्शन खराब है
7. जूनागढ़- राजेश चुडासमा- एक और मौका मिल सकता है












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