गुजरात: किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदर्शन, कहा- जो फसलें बर्बाद हुई, उसका मुआवजा भी दे सरकार
गांधीनगर। नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन गुजरात में आंदोलन शुरू करने की दिशा में सक्रिय हो गए हैं। यहां राजधानी गांधीनगर में सेक्टर-6 स्थित सत्याग्रह छावणी में कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में धरना दिया गया। इस दौरान दूर-दूर के किसान पहुंचे। गुजरात कांग्रेस के भी बड़े-बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। गुजरात कांग्रेस के प्रभारी राजीव सातव व कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष परेश धानाणी आए। जहां गुजरात कांग्रेस के प्रभारी राजीव सातव ने फसल बीमा का मुद्दा उठाया।

राजीव सातव ने कहा कि, "गुजरात में फसल बीमा नहीं है। यहां कई जिलों और तहसीलों में बारिश की वजह से फसलें बर्बाद हुईं, लेकिन सरकार ने मुआवजा नहीं दिया। और अब इन नए कृषि कानून के जरिए सिर्फ एक ही कंपनी देश के किसानों की कृषि पैदावार खरीद सकेगी। ये एक बार फिर से इस्ट इंडिया कंपनी बनाने की कवायद की जा रही है। हमारा कहना है कि, इन कानूनों को हटाया जाए। कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में हमेशा लड़ती रहेगी।" वहीं, गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने भी सरकार पर बड़ा हमला बोला।

चावड़ा ने कहा- "भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति की वजह से सूबे को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है। गुजरात की भाजपा सरकार किसान विरोधी है। यहां किसानों को फसल बीमा तक समय पर नहीं मिल रहा। इससे किसानों में आक्रोश है। यह आक्रोश आंदोलन का रूप लेगा। किसान संगठनों की ओर से कल यानी कि, 8 दिसम्बर को बंद का आह्वान किया है। किसानों को हमारी कांग्रेस पार्टी पूरा समर्थन करती है। किसानों की न्यायिक लड़ाई में हम आपके साथ हैं।"













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