फ्रीज-ड्राइंग की नई तकनीक कर सकती है संरक्षण में मदद

वॉशिंगटन, 05 जुलाई। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में प्रजातियों का लुप्त होना तेज हो रहा है और जलवायु परिवर्तन जैसे इंसानों की वजह से बने कारणों की वजह से कम से काम 10 लाख प्रजातियां विलुप्त हो सकती हैं.
दुनिया भर में लुप्तप्राय प्रजातियों के सैंपलों के संरक्षण के लिए कई संस्थान बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य है भविष्य में क्लोनिंग कर के प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाना. इन सैंपलों को अमूमन क्रायोप्रिजर्वेशन के जरिए लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल कर या बहुत ही कम तापमान पर रख कर संभाल कर रखा जाता है.
यह प्रक्रिया महंगी हो सकती है और इसमें बिजली कटने का खतरा भी रहता है. अमूमन इस प्रक्रिया में शुक्राणुओं और अंड कोशिकाओं की जरूरत भी पड़ती है और इन्हें पुराने या बांझ हो चुके जानवरों से हासिल करना मुश्किल या असंभव भी हो सकता है.
मौजूदा तकनीक की सीमाएं
जापान के यामानाशी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि क्या वो सोमैटिक कोशिकाओं को फ्रीज ड्राई कर इस समस्या का समाधान निकाल सकते हैं. शुक्राणु और अंड कोशिकाओं के अलावा सभी कोशिकाओं को सोमैटिक कोशिका कहा जाता है.
वैज्ञानिक देखना चाहते थे कि क्या वो सोमैटिक कोशिकाओं को फ्रीजे ड्राई कर क्लोन बना सकेंगे. इसके लिए उन्होंने दो तरह के चूहों की कोशिकाओं को चुना और पाया कि फ्रीज ड्राई करने से कोशिकाएं मर गईं और डीएनए को भी काफी नुकसान पहुंचा लेकिन इसके बावजूद वो क्लोंड ब्लास्टोसिस्ट बनाने में सफल रहे.
क्लोंड ब्लास्टोसिस्ट कोशिकाओं की एक गेंद की तरह होती है जो भ्रूण में तब्दील हो जाती है. इनसे वैज्ञानिकों ने स्टेम कोशिकाओं की लाइनें निकाल लीं और उनका इस्तेमाल कर 75 क्लोन चूहे बनाए.
उनमें से एक चूहा एक साल और नौ महीनों तक जिंदा रहा. टीम ने सफलतापूर्वक नर और मादा क्लोन चूहों की प्राकृतिक रूप से जन्मे चूहों से मेटिंग भी कराई जिन्होंने सामान्य चूहों को जन्म दिया.
प्रयोग की सफलता
सामान्य चूहों से जितने बच्चे पैदा करने की उम्मीद की जाएगी क्लोन चूहों ने उनसे कम बच्चे पैदा किए. नर चूहों की कोशिकाओं से विकसित की गईं स्टेम कोशिकाओं की लाइनों में से एक ने सिर्फ मादा क्लोन चूहों को जन्म दिया.
इस अध्ययन के नतीजे इसी महीने 'नेचर कम्युनिकेशन्स' पत्रिका में छापे. यामानाशी विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लाइफ एंड एनवायर्नमेंटल साइंसेज के प्रोफेसर तेरुहिको वाकायामा ने इस अध्ययन का नेतृत्व करने में मदद की.
वाकायामा ने एएफपी को बताया, "सुधार मुश्किल नहीं होना चाहिए. हमें विश्वास है कि भविष्य में हम अनियमितताओं को कम कर जन्म दर को बढ़ा पाएंगे. इसके लिए हमें फ्रीज ड्राई प्रक्रिया में सुरक्षा देने वाली चीजों की तलाश करनी होगी और ड्राइंग के तरीकों में सुधार लाना होगा."
और भी कुछ कमियां हैं लेकिन वाकायामा का कहना है कि यह तकनीक अभी शुरुआती चरणों में है. उन्होंने इस प्रयोग की तुलना उस प्रयोग से की जिससे मशहूर भेड़ क्लोन 'डॉली' का निर्माण हुआ था. उस प्रयोग में 200 विफल कोशिशों के बाद सफलता मिली थी.
सीके/एए (एएफपी)
Source: DW
-
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Silver Rate Today: चांदी फिर हुई सस्ती, अचानक 11,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 100 ग्राम सिल्वर का रेट -
3 शादियां कर चुकीं 44 साल की फेमस एक्ट्रेस ने मोहनलाल संग शूट किया ऐसा इंटीमेट सीन, रखी 2 शर्तें और फिर जो हुआ -
साथ की पढ़ाई, साथ बने SDM अब नहीं मिट पा रही 15 किलोमीटर की दूरी! शादी के बाद ऐसा क्या हुआ कि बिखर गया रिश्ता? -
Iran Israel War: 'भारत युद्ध रुकवा सकता है', खामेनेई के दूत ने कही ऐसी बात, टेंशन में ट्रंप -
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List -
27 की उम्र में सांसद, अब बालेन सरकार में कानून मंत्री, कौन हैं सोबिता गौतम, क्यों हुईं वायरल? -
KBC वाली तहसीलदार गिरफ्तार, कहां और कैसे किया 2.5 करोड़ का घोटाला? अब खाएंगी जेल की हवा












Click it and Unblock the Notifications