Delhi Excise Policy Case: हाई कोर्ट का नोटिस, केजरीवाल-सिसोदिया समेत 21 से मांगा जवाब, BJP बोली– अब जश्न खत्म

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली की चर्चित शराब नीति मामले में सोमवार (09 फरवरी) को एक बार फिर सियासत तेज हो गई। दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) आमने-सामने आ गईं। दोनों दलों ने अदालत के आदेश को अपने-अपने पक्ष में बताया और एक-दूसरे पर निशाना साधा।

हाई कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस याचिका पर संज्ञान लिया है जिसमें निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों से जवाब भी मांगा है।

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केजरीवाल और सिसोदिया समेत 21 लोगों को नोटिस (Delhi High Court Notice)

दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब देने को कहा है। यह याचिका CBI ने दायर की है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा CBI अधिकारियों पर की गई कुछ टिप्पणियों को वह रोक सकती है, जिन्हें "पूर्वाग्रह से भरा" बताया गया है।

इससे पहले 27 फरवरी को CBI की विशेष अदालत ने केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने CBI की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा था कि एजेंसी का मामला न्यायिक जांच की कसौटी पर टिक नहीं पाया।

BJP ने फैसले को बताया AAP की 'छोटी खुशी' (BJP Reaction on Delhi Excise Policy Case)

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट से बरी होना कोई असाधारण बात नहीं है और इतिहास में ऐसे कई मामले रहे हैं जब नेता निचली अदालत से राहत पाने के बाद जश्न मनाते दिखे, लेकिन बाद में उन्हें सजा भी हुई।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव, ए राजा और कनिमोझी जैसे नेताओं के मामलों में भी शुरुआत में राहत मिली थी, लेकिन बाद में अदालतों ने कड़ा फैसला सुनाया। सचदेवा ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा CBI अधिकारियों पर की गई टिप्पणियों को रोकने की पहल से निचली अदालत के फैसले पर सवाल खड़े होते हैं।

AAP का पलटवार, कहा- बरी होने का फैसला कायम (AAP Reaction)

दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी ने साफ कहा कि हाईकोर्ट ने अभी तक ट्रायल कोर्ट के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई है। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी करने का आदेश अभी भी पूरी तरह प्रभावी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार CBI के जरिए राजनीतिक दबाव बना रही है। भारद्वाज ने कहा कि एजेंसी सरकार के इशारे पर काम करती है और अदालत में उनका मामला टिक नहीं पाया।

उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट ने केवल सॉलिसिटर जनरल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब मांगा है, इसलिए सभी पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं।

आगे क्या होगा? (What Next in Excise Policy Case)

दिल्ली हाईकोर्ट अब इस मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का फैसला करेगा। फिलहाल अदालत की कार्यवाही के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बना रह सकता है।

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